दिल्ली में खराब हवा के बीच लोगों ने नवरात्रि के व्रतों की शुरुआत की।
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दिल्ली में खराब हवा के बीच लोगों को नवरात्रि के व्रतों की शुरुआत करनी पड़ी। रविवार सुबह राजधानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 245 रिकॉर्ड किया गया। आनंद विहार में एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत खराब कैटेगरी में था और यह 345 तक रिकॉर्ड किया गया। सफर-इंडिया का अनुमान है कि अगले दो दिनों में राजधानी की हवा और ज्यादा खराब होने की संभावना है। पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं के बढ़ने के साथ यह गंभीर हो सकती है।
सफर-इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (PM2.5) 204 अंक औसतन रिकॉर्ड (रविवार दोपहर एक बजे के करीब ) किया गया। अगले 24 घंटे में यह औसत 239 और 48 घंटे में 269 तक पहुंच सकता है। इसी प्रकार, एयर क्वालिटी इंडेक्स (PM10) 187 पर है जो अगले 24 घंटे में 203 और अगले दो दिनों में 226 तक पहुंच सकता है। रविवार की सुबह हवा चलने के कारण राजधानी में प्रदूषण की स्थिति में कुछ सुधार दर्ज किया गया। हवा न बहने की स्थिति में यह ज्यादा खराब हो सकती है।
दिल्ली सरकार के दावे
राजधानी में प्रदूषण की यह स्थिति ऐसे समय में है जबकि दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि पूरी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वास्तविक समय में किसी स्थान पर प्रदूषण की स्थिति और उसके कारणों का आंकड़ा एकत्र किया जा रहा है। किसी स्थान पर प्रदूषण होने पर आसपास के इलाके में पानी के छिड़काव जैसे उपायों को अपनाकर प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए एक 'ग्रीन रूम' तैयार किया गया है जो लगातार काम कर रहा है।
साथ ही, दिल्ली सरकार ने राजधानी के प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों में जलाए जा रही पराली को जिम्मेदार बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने हरियाणा और पंजाब सरकारों से अनुरोध किया है कि वे अपने यहां पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाएं। इसके लिए किसानों से मिलजुलकर समस्या का समाधान निकालने की बात कही है।
विश्व के सबसे खराब शहरों में दिल्ली
प्रदूषण के इन्हीं कारणों से दिल्ली पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में गिनी जाती है। रिस्पायरर लिविंग के आंकड़ों के अनुसार कई उपायों के कारण दिल्ली के प्रदूषण में कमी आई है, लेकिन 30 अक्टूबर 2022 से 30 सितंबर 2023 के बीच यह विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में एक बनी हुई है। इस दौरान यहां का पीएम 2.5 स्तर 100.1 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक घनमीटर रहा जो स्वयं सरकार के आंकड़ों से यह दो गुना था। यदि वैश्विक माप के अनुसार बात करें तो यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुरक्षित आंकड़ों से लगभग 20 गुना ज्यादा था।
राजनीति भी तेज
दिल्ली में ठंड ने अभी दस्तक भी नहीं दी है कि प्रदूषण बढ़ने लगा है। इसके साथ-साथ इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमाने लगी है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार केवल झूठ और भ्रष्टाचार की राजनीति करने की ओर ध्यान देती है। यदि इस बीच उसने लोगों की समस्याओं के लिए कुछ भी काम किया होता तो अब तक दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने में सफलता मिल गई होती।
उन्होने आरोप लगाया कि अब अरविंद केजरीवाल के हाथ में दिल्ली की सरकार के साथ-साथ दिल्ली नगर निगम भी है। यदि दोनों एजेंसियां बेहतर तालमेल से काम करें तो प्रदूषण के स्तर में बेहतरीन सुधार किया जा सकता है, लेकिन दिल्ली की स्थिति देखते हुए लगता है कि सरकार केवल विज्ञापन देकर प्रदूषण की स्थिति कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने दिल्ली की सड़कों को सुधार कर वाहनों के प्रदूषण को कम करने का काम कया है। इसी प्रकार अन्य उपाय कर लोगों को प्रदूषण से बचाएंगे।