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Delhi Politics: जेल से छूटे, फांसी घर विवाद में लटके केजरीवाल, भाजपा ने केजरीवाल को 'अराजक' करार दिया

Fri, 06 Mar 2026 08:13 PM IST
Jyoti Bhaskar डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
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वीरेंद्र सचदेवा, अरविंद केजरीवाल (फाइल) - फोटो : PTI
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अरविंद केजरीवाल और उनके साथी कथित शराब घोटाले से तो बरी हो गये हैं, लेकिन फांसी घर विवाद में फंसते दिखाई दे रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने फांसी घर विवाद में दिल्ली विधानसभा की कमेटी के सामने पेश होने के मामले की सार्वजनिक सुनवाई की मांग की, लेकिन भाजपा ने कहा है कि विधानसभा की विशेष कमेटी की कार्रवाई को सार्वजनिक रूप से प्रसारित नहीं किया जा सकता। उसने केजरीवाल की मांग को अव्यावहारिक और 'अराजक' राजनीति का उदाहरण करार दिया है।     

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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली का मुख्यमंत्री रहते हुए यह दावा किया था कि पुराने सचिवालय का एक कक्ष अंग्रेजों के शासनकाल में फांसी घर हुआ करता था। आप शासन में इसको लेकर कई बार बड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए थे। लेकिन भाजपा ने तब इसे अरविंद केजरीवाल का 'राजनीतिक नाटक' करार दिया था। अब सत्ता में आने के बाद पार्टी ने विभिन्न जांच के सहारे दावा किया है कि पिछली सरकार का दावा पूरी तरह तथ्यों से परे था। इसी मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेष कमेटी के सामने उनकी पेशी की मांग की गई थी।  

केजरीवाल ने एक बार फिर से दावा किया कि उक्त घर फांसी घर ही हुआ करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक कारणों से इस तथ्य को इनकार कर रही है और इसे टिफिन घर करार दे रही है। उन्होंने समिति के सामने अपनी पेशी को सार्वजनिक करने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दिल्ली में कोई काम नहीं कर रही है।
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11 साल सत्ता में रहने के बाद भी गंभीर राजनीति नहीं सीख पाए केजरीवाल- भाजपा 
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी राजनीति की शुरुआत से ही झूठ और बयानबाजी की राजनीति की थी, वे आज भी वही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विशेष समिति के सामने पेशी के सार्वजनिक प्रसारण की मांग करना उनके इसी व्यवहार को दिखाता है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को समझना चाहिए कि विशेषाधिकार समिति की सुनवाई को सार्वजनिक रूप से प्रसारित नहीं किया जा सकता। 

सचदेवा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल तर्कहीन बातें कर केवल लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करना चाहते हैं, लेकिन वे समिति के सामने कोई ऐसा तथ्य या तर्क प्रस्तुत नहीं कर पाए जिससे यह साबित होता हो कि उक्त घर फांसी घर हुआ करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सत्ता में रहने के दौरान भी अराजक तरीके से व्यवहार कर रहे थे और आज विपक्ष में रहने के बाद भी अराजक व्यहार कर रहे हैं।

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