दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पंजाब के तरनतारन निवासी हरपाल सिंह (35) के रूप में हुई है। आरोपी सेना के बेस, उनके मूवमेंट, आर्मी, बीएसएफ पोस्ट और बंकरों की जानकारी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को पहुंचा रहा था। इसके बदले उसे हवाला के जरिये लाखों रुपये की रकम मिलती थी।
सेना और बीएसएफ के बेस व मूवमेंट की जानकारी पहुंचा रहा था
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि बीते कुछ दिनों से उनकी टीम को सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियां विदेशी खुफिया एजेंसी को पहुंचा रहे हैं। जांच के दौरान हरपाल का नाम सामने आया। आरोपी तरनतारन में ही एक फर्म में मशीन ऑपरेटर का काम कर रहा था।
टेक्निकल और मैनुअल जानकारी जुटाने पर पता चला कि आरोपी हरपाल के आईएसआई के एजेंटों से संबंध है। पुलिस ने 11 अप्रैल को मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इसके बाद स्पेशल सेल की टीम ने पुणे की मिलिट्री इंटेलिजेंस के साथ जांच शुरू की।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मजनूं का टीला इलाके से दबोचा
इस बीच टीम को सूचना मिली कि 12 अप्रैल को आरोपी दिल्ली में अपने किसी जानकार से कुछ अहम दस्तावेज लेकर आगे भेजने आने वाला है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी को उत्तरी दिल्ली के मजनूं का टीला इलाके से दबोच लिया।
कौम का वास्ता देकर किया राजी
पुलिस ने आरोपी के पास से सेना की जानकारी से जुड़े गोपनीय दस्तावेज, एक मोबाइल फोन, सिमकार्ड और बस से सफर के दो टिकट बरामद किए गए हैं। आरोपी के मोबाइल से पाकिस्तान में बैठे इसके आका जसपाल का पता चला है।
जसपाल लाहौर में रहता है। वह करीब छह सात महीने पहले सोशल मीडिया के जरिये जसपाल के संपर्क में आया था। उसने कौम का वास्ता देकर उसे जासूसी करने के लिए राजी किया।
ओमान में हुई थी मुलाकात
आरोपी हरपाल नवंबर के माह में विदेश यात्रा पर ओमान गया था, वहां उसकी मुलाकात जसपाल से हुई थी। चूंकि हरपाल भारत-पाक के बॉर्डर पर ही पैदा हुआ था। इसलिए उसे सेना और उससे जुड़ी अहम जानकारियां थीं।
यह जानकारी उसने लिखकर और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे अपने आका जसपाल को भेजी। पुलिस हरपाल को रिमांड पर लेकर उसके दिल्ली में साथ देने वाले साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।