आतंकवाद के सवाल पर सार्क देशों में पाकिस्तान को अलग-थलग करने की मिली बड़ी कूटनीतिक सफलता के बाद भारत ने अब आसियान देशों में भी उसे अलग-थलग करने की कूटनीतिक मुहिम छेड़ दी है। इस मुहिम में रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह और एमजे अकबर सहित सरकार के कूटनीतिक धुरंधरों ने मोर्चा संभाल लिया है। सिंगापुर के प्रधानमंत्री की चल रही भारत यात्रा के बाद आसियान देशों के कई सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष जल्द ही भारत दौरे पर आने वाले हैं। भारत ने इस स्थिति का कूटनीतिक लाभ उठाने की योजना बनाई है।
इस बीच उड़ी आतंकी हमले के जवाब में किए गए सर्जिकल अटैक के बाद पाकिस्तान के अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी के दबाव में आने से भारत खासा उत्साहित है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अपने सेना और आईएसआई प्रमुख को आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने या विश्व बिरादरी में अलग-थलग पड़ने के लिए तैयार रहने की दी गई नसीहत को भारत बड़ी जीत मान रहा है।
भारत संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका को चीन और रुस से नजदीकियां बढाने की पाकिस्तान की धमकी को भी खिसिआहट का संकेत मान रहा है। फिलहाल भारत की निगाहें नवाज की नसीहत के बाद पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के भावी रूख पर है।