फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी: क्या दिल्ली और मुंबई में नहीं मिलेगा अमूल दूध?

Sun, 20 Nov 2016 04:18 PM IST
बीबीसी
विज्ञापन
अमूल दूध - फोटो : BBC
विज्ञापन
दक्षिणी गुजरात के सूरत शहर में हजारों किसानों ने नोटबंदी के मसले पर ट्रक और ट्रैक्टरों के साथ में एक विशाल रैली निकाली। दूध से भरे कैन और गेंहू की बोरियां कलेक्टर ऑफिस के बहार फेंक कर उन्होंने केंद्र सरकार और आरबीआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अल्टीमेटम भी दिया।
विज्ञापन


यहां किसान नोटबंदी के फैसले से किसान खफा है क्योंकि शहरों की तरह गांवों और तहसील की सहकारी बैंको को 500 और 1000 के नोट बदलने की मंजूरी नहीं दी गई है। किसानों ने अब कहा है की सात दिनों में अगर यह निर्देश वापिस नहीं लिया तो वह गुजरात में अमूल को दूध देना बंद कर देंगे।

इस बारे में दक्षिण गुजरात किसान संगठन के जयेश पटेल कहते इस मुद्दे पर किसानों में गुस्सा है और अगर सरकार नहीं मानी तो दिल्ली और मुम्बई में आने वाले दिनों में अमूल का दूध नहीं मिलेगा।
विज्ञापन


आरबीआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवम्बर 8 के नोटबंदी के आदेश के बाद एक निर्देश जारी कर जिला सहकारी बैंकों से 500 और 1000 रूपये की नोट को बदलने पर रोक लगाई थी। इस मुद्दे को लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में जिला सहकारी बैंकों से जुडे लोगों ने सरकार से इस आदेश को वापिस लेने की गुहार लगाई है। दक्षिण गुजरात किसान संगठन के अध्यक्ष जयेश पटेल कहते है की इस रोक की वजह से गांव में जिंदगी रुक गयी है।
 
विज्ञापन

गुजरात में राजनीति भी गरमाई हुई है

- फोटो : BBC
​हालांकि कईयों का मनना है की यह निर्देश गड़बड़ी रोकने के लिए लिया गया है पर पटेल मानते है की यह सरकार की एक चाल है सरकार से खफा दक्षिण गुजरात के गन्ना किसान रमेश पटेल कहते है की गांवों में अफरातरफी का माहौल है।

गुजरात में सहकारी बैंको के साथ लंबे समय से जुड़े ज्योतींद्र मेहता कहते है की आरबीआई को यह निर्देश आज नहीं तो कल वापिस लेना ही होगा। ज्योतींद्र मेहता ने कहा, ''हमने इस मामले में नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन कोर्डिनेशन क्रेडिट सोसायटीज और गुजरात फेडरेशन के साथ मिलकर अनुरोध किया है। उम्मीद है कि इसका कुछ न कुछ समाधान हो जाएगा।'' इस मामले में जयेशभाई ने कहा कि यदि आरबीआई ने उनकी नहीं सुनी तो आने वाले वक्त में दिल्ली और मुंबई में दूध की सप्लाई आसान नहीं रहेगी।

इस मामले को लेकर गुजरात में राजनीति भी गरमाई हुई है। गुजरात में अधिकतर सहकारी संगठनों के अध्यक्ष भाजपा से जुड़े हुए है और इस मुद्दे पर सरकार से सहमत नहीं है। गुजरात में भाजपा के कई विधायकों ने भी इस मामले पर अपनी नाराजगी जताई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें