दक्षिणी गुजरात के सूरत शहर में हजारों किसानों ने नोटबंदी के मसले पर ट्रक और ट्रैक्टरों के साथ में एक विशाल रैली निकाली। दूध से भरे कैन और गेंहू की बोरियां कलेक्टर ऑफिस के बहार फेंक कर उन्होंने केंद्र सरकार और आरबीआई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अल्टीमेटम भी दिया।
यहां किसान नोटबंदी के फैसले से किसान खफा है क्योंकि शहरों की तरह गांवों और तहसील की सहकारी बैंको को 500 और 1000 के नोट बदलने की मंजूरी नहीं दी गई है। किसानों ने अब कहा है की सात दिनों में अगर यह निर्देश वापिस नहीं लिया तो वह गुजरात में अमूल को दूध देना बंद कर देंगे।
इस बारे में दक्षिण गुजरात किसान संगठन के जयेश पटेल कहते इस मुद्दे पर किसानों में गुस्सा है और अगर सरकार नहीं मानी तो दिल्ली और मुम्बई में आने वाले दिनों में अमूल का दूध नहीं मिलेगा।
आरबीआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवम्बर 8 के नोटबंदी के आदेश के बाद एक निर्देश जारी कर जिला सहकारी बैंकों से 500 और 1000 रूपये की नोट को बदलने पर रोक लगाई थी। इस मुद्दे को लेकर गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में जिला सहकारी बैंकों से जुडे लोगों ने सरकार से इस आदेश को वापिस लेने की गुहार लगाई है। दक्षिण गुजरात किसान संगठन के अध्यक्ष जयेश पटेल कहते है की इस रोक की वजह से गांव में जिंदगी रुक गयी है।