गर्मी से लोग अभी ही परेशान है। लेकिन ग्रीनपीस की एक रिपोर्ट से चिंता और बढ़ने वाली है। ग्रीनपीस इंडिया के नए हीटवेव अनुमानों के अनुसार, अगर ग्लोबल लेवल पर अगर कार्बन डाइऑक्साइड गैस (CO2) उत्सर्जन 2050 तक दोगुना हो जाता है, तो दिल्ली और मुंबई का औसत वार्षिक तापमान 1995-2014 की अवधि की तुलना में 2080-99 की अवधि में पांच डिग्री सेल्सियस अधिक होगा।
29 अप्रैल को दिल्ली में 43.5 डिग्री सेल्सियस तापमान
इंटरगवर्नमेंटल पैनल फॉर क्लाइमेट चेंज की छठी मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी का वार्षिक अधिकतम तापमान (1995 से 2014 तक जून महीने के रिकॉर्ड का औसत) 41.93 डिग्री सेल्सियस है। एनजीओ ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह 2080-99 की अवधि में 45.97 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा और कुछ अगले वर्षों में 48.19 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
राजधानी दिल्ली में 29 अप्रैल को अधिकतम 43.5 डिग्री सेल्सियस को छू लिया, जो महीने के औसत अधिकतम तापमान से काफी ऊपर है। अप्रैल 1970 से 2020 तक के ऐतिहासिक दैनिक तापमान के विश्लेषण से पता चलता है कि केवल चार वर्षों में ही तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है।
चेन्नई अब औसत से चार डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म होगा
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई का औसत वार्षिक तापमान 2080-99 की अवधि में 1995-2014 की अवधि की तुलना में पांच डिग्री सेल्सियस अधिक होगा और वार्षिक अधिकतम तापमान वर्तमान में 39.17 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 43.35 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा।
31 डिग्री सेल्सियस के अनुमानित औसत वार्षिक तापमान के साथ चेन्नई अब औसत से चार डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म होगा। इसका वार्षिक अधिकतम तापमान वर्तमान में 35.13 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 2080-99 की अवधि में 38.78 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा।
देश में लंबे समय तक लू चलेगा
ग्रीनपीस इंडिया ने कहा कि तापमान में इतनी तेजी से वृद्धि का मतलब ये है कि देश में लंबे समय तक लू चलेगा। ग्रीनपीस इंडिया के अभियान प्रबंधक अविनाश चंचल ने कहा कि अधिकतम गर्मी सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए घातक है। यह पारिस्थितिक तंत्र को भी खतरे में डालती है। हमारे पास इस तरह के चरम मौसम की घटनाओं को जलवायु परिवर्तन से जोड़ने के लिए पर्याप्त विज्ञान है। दुर्भाग्य से, अगर हम अभी कार्रवाई नहीं करते हैं, तो खतरा दिनों दिन बढ़ती ही जाएगी।
उन्होंने कहा कि तापमान में तेज वृद्धि से नागरिकों पर विशेष रूप से दिल्ली, लखनऊ, पटना, जयपुर और कोलकाता जैसे शहरों में गंभीर रूप से प्रभावित होने की उम्मीद है