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Delhi Monsoon: दिल्लीवालों के लिए अगले तीन होंगे सुहावने, होगी बारिश-चलेगी हवाएं;इस दिन से फिर सताएगी गर्मी

Fri, 04 Jul 2025 08:03 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईएमडी ने शुक्रवार शाम से बारिश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह बारिश मध्यम दर्जे की होगी। लेकिन इस बरसात से आम लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिल जाएगी। तापमान में गिरावट होगी और मौसम भी थोड़ा ठंडा होगा।
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दिल्ली में बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। शुक्रवार शाम से बारिश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह बारिश मध्यम दर्जे की होगी। लेकिन इस बरसात से आम लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिल जाएगी। तापमान में गिरावट होगी और मौसम भी थोड़ा ठंडा होगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि, दिल्ली-एनसीआर यानी नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद में शनिवार से बारिश आ सकती है। रविवार और सोमवार तक इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। लेकिन सोमवार के बाद फिर कुछ वक्त के लिए बारिश का सिलसिला थम जाएगा। मंगलवार से गर्मी और उमस बढ़ने की उम्मीद है।

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शनिवार को राजधानी दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री तक रह सकता है। जबकि रविवार छह जुलाई को भी मध्यम बारिश की संभावना है।अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री तक रह सकता है। लेकिन सात से नौ जुलाई के बीच बारिश हल्की रह जाएगी। लेकिन बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री रह सकता है।

दरअसल, राजधानी दिल्ली-एनसीआर में कमजोर मानसून की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से लोगों को तेज गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की और छिटपुट बारिश दर्ज की गई है। राजधानी दिल्ली में मानसून की आमद (28 और 29 जून) भी कुछ खास प्रभावशाली नहीं रही। कई क्षेत्रों में मानसून के दौरान बारिश हुई ही नहीं। दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में पिछले तीन दिनों में केवल 4.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर का अनुमान है कि, दिल्ली के लिए जुलाई दूसरा सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना होता है। पिछले 10 वर्षों में सिर्फ एक बार ही जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई है। जुलाई के लिए सामान्य वर्षा का औसत 195.8 मिमी है। पिछले 15 वर्षों में सबसे कम जुलाई की बारिश 2012 में हुई थी, मात्र 94.8 मिमी। वहीं, जुलाई 2003 में सर्वाधिक 632 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। दिलचस्प बात यह है कि जुलाई 2021 में मानसून 13 जुलाई को पहुंचा था, फिर भी महीने भर में 507.1 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से दोगुनी थी।
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शुक्रवार से ट्रफ की धुरी धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ेगी जिससे मौसम सक्रिय होने की संभावनाएं बनेंगी। हालांकि दिल्ली—एनसीआर में शुक्रवार को भी गतिविधियां हल्की रहेंगी, लेकिन शनिवार और रविवार को अच्छी मानसूनी वर्षा होने के आसार हैं। यह बारिश छोटी अवधि की हो सकती है, लेकिन प्रभावी रहेगी। सप्ताहांत की बारिश अगले सप्ताह की शुरुआत तक जारी रह सकती है। अगले सप्ताह वर्षा की तीव्रता और विस्तार, सप्ताहांत के मुकाबले अधिक हो सकते हैं। स्काईमेट वेदर का कहना है कि, इस समय दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। एक अन्य परिसंचरण प्रणाली गंगा पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में मध्य वायुमंडलीय स्तरों तक बनी हुई है। एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ इन दोनों प्रणालियों को जोड़ रही है। फिलहाल इस ट्रफ की धुरी दिल्ली से काफी दक्षिण में है, जिससे दिल्ली में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है।

हवा की गुणवत्ता में हुआ थोड़ा सुधार
बारिश के साथ ही दिल्ली की हवा की गुणवत्ता भी सुधरने की उम्मीद जताई जा रही है। गुरुवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार शाम चार बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 72 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और बेहतर हवा की स्थिति ने दिल्ली के नागरिकों को फिलहाल कुछ राहत दी है, हालांकि उमस और बारिश की संभावना के चलते सतर्क रहने की जरूरत बनी हुई है। 

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