दिल्ली नगर निगम (Delhi MCD Election 2022) चुनाव में मतदान के दिन तक राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति होती रही। लेकिन मतदाताओं में मतदान के मुद्दों को लेकर बहुत साफ तस्वीर देखी गई। मतदान करने आए ज्यादातर मतदाताओं ने दिल्ली की साफ-सफाई को अपना पहला मुद्दा बताया तो कई मतदाताओं ने राजधानी के प्रदूषण को अपना पहला मुद्दा बताया। भाजपा और आम आदमी पार्टी के द्वारा एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाने के बाद भी लोगों ने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को मतदान का पहला मुद्दा नहीं बताया। सभी मतदाताओं ने कहा कि अब डिजिटलाइजेशन का लाभ उठाते हुए सभी सेवाओं को ऑनलाइन कर भ्रष्टाचार समाप्त कर देना चाहिए।
पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर के मतदाता दीपक जैन ने अमर उजाला से कहा कि उनके लिए साफ-सफाई नगर निगम में सबसे बड़ा मुद्दा है। आए दिन नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल होती रहती है, कर्मचारी सफाई पर ध्यान नहीं देते। कॉल करने के बाद भी गलियों से कूड़ा नहीं उठाया जाता। प्रमुख सड़कों पर भी कूड़ा इधर-उधर बिखरा रहता है जिससे आने-जाने वालों का मन खराब होता है। इससे प्रदूषण फैलता है और लोगों को बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राजधानी की छवि पूरे देश की छवि के तौर पर काम करती है, लिहाजा दिल्ली को साफ-सफाई के मामले में सबसे ऊपर होना चाहिए जिससे पूरी दुनिया में देश की बेहतर तस्वीर बनकर उभरे।
प्रवीण कुमार ने कहा कि गरीब तबकों के इलाकों में न साफ-सफाई होती है और न ही उन्हें साफ पीने का पानी मिल पाता है। गरीब परिवारों के लोग इसलिए ज्यादा बीमारियों के शिकार होते हैं। यदि इन इलाकों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था हो और उन्हें पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जा सके तो उनकी आधी समस्याएं दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम में चाहे जो भी सरकार आए उसे काम करने के प्रति जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
स्थानीय उम्मीदवार को देखकर दे रहे वोट
राजू चौधरी ने कहा कि इस बार सभी राजनीतिक दलों ने बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि एक पार्टी ने उनके क्षेत्र से उम्मीदवार उतारा है। वे अपने नजदीकी उम्मीदवार को ही वोट करना पसंद करेंगे क्योंकि समय आने पर वही उनके काम के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा नगर निगम में शासन के 15 साल देने के बाद भी शहर को साफ नहीं कर पाई, इसलिए उन्हें उनसे नाराजगी है।
डिजिटलाइजेशन का उपयोग कर खत्म करें भ्रष्टाचार
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने डिजिटलाइजेशन का सफलतापूर्वक उपयोग करके केंद्र सरकार की योजनाओं से भ्रष्टाचार को समाप्त किया है। इसी तरह दिल्ली सरकार ने अनेक योजनाओं की ऑनलाइन और होम डिलिवरी कर भ्रष्टाचार समाप्त किया है। यदि नगर निगम में भी सभी कार्यों के लिए इसी तरह डिजिटलाइजेशन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जाए तो नगर निगमों से भी भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अभी साफ-सफाई न होने पर फोन करने के बाद भी सफाई कर्मी ध्यान नहीं देते। पार्षदों को फोन करने के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पाता। इसके लिए राज्य केंद्रित एक शिकायत नंबर जारी होना चाहिए। इस पर व्हाट्सएप जैसी संदेश सेवा से शिकायत करने की सुविधा दी जानी चाहिए जिसे एक एजेंसी के द्वारा समयबद्ध तरीके से भेजकर समयबद्ध तरीके से समस्या का समाधान करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। समय पर सेवा न देने वाले अधिकारियों को दंडित किया जाए तो पूरी दिल्ली की व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।
धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि जिस तरह पुलिस को अपने पास आई हर शिकायती कॉल पर 'क्या एक्शन लिया गया', इसकी सूचना अपने उच्चाधिकारियों को देनी अनिवार्य होती है, उसी प्रकार नगर निगम की सभी सेवाओं में व्यवस्था कर दिल्ली को बेहतर, साफ-सुथरी और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। इसके लिए उचित सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।