Sada E Sarhad Dellhi Lahore Bus Service
- फोटो : सांकेतिक
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 के निष्प्रभावी होने के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में दोनों देशों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन को रद्द करने का एकतरफा फैसला किया था। लेकिन समझौता एक्सप्रेस के रद्द होने के बाद भी दोनों देशों के बीच चल रही दिल्ली-लाहौर बस सेवा सदा-ए-सरहद अभी भी जारी है। शुक्रवार को भी दिल्ली के आंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से लाहौर के लिए 34 यात्रियों को लेकर बस रवाना हुई है, जो आज शाम पांच बजे लाहौर पहुंच जाएगी। टर्मिनल के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें बस सेवा बंद करने जैसा कोई भी निर्देश अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
ट्रेन कैंसिल होने के बाद बस सेवा पर दबाव बढ़ा
आंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल के इंचार्ज बीएस ठाकुर ने अमर उजाला को बताया कि समझौता एक्सप्रेस के रद्द होने के बाद बस सेवा में सीटों की उपलब्धता को लेकर यात्री लगातार जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम को तीन यात्रियों को लेकर लाहौर से एक बस दिल्ली पहुंची। लेकिन ज्यादा संख्या में यात्रियों के होने के बाद भी टर्मिनल से प्रतिदिन केवल एक ही बस पाकिस्तान के लिए जाती है। जिसमें अधिकतम सीटों की संख्या 42 होती है, जोकि यात्रियों की मांग के हिसाब से काफी कम है।
कैसी है बस सेवा
इस समय भारत और पाकिस्तान के बीच हफ्ते के छह दिन बसें चलती हैं। दोनों देशों से प्रतिदिन एक बस यात्रियों को लेकर एक-दूसरे की सीमा में प्रवेश करती हैं। अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से सुबह छह बजे बस लाहौर के लिए रवाना होती है, जो लाहौर के गुलबर्ग-तीन टर्मिनल तक जाती है। लगभग 492 किलोमीटर की यह यात्रा दस से ग्यारह घंटे में पूरी होती है। बस शाम चार से पांच बजे के बीच गुलबर्ग पहुंच जाती है। वहीं पाकिस्तान पर्यटन विकास कारपोरेशन की लाहौर से दिल्ली के लिए बस सुबह छह बजे रवाना होती है।
भारत आना पड़ता है ‘सस्ता’
भारत की तरफ से लाहौर जाने का किराया 12 वर्ष से ऊपर व्यस्क के लिए 2400 रुपये पड़ता है, जबकि 12 वर्ष से ऊपर व्यस्क के लिए लाहौर से दिल्ली आने का किराया 4,000 रुपये है। करेंसी को कनवर्ट करें तो भारत का एक रुपया पाकिस्तान के 2.23 रुपये के बराबर है, इस लिहाज से पाकिस्तानियों को भारत आने के लिए केवल 1787 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
बीच रास्ते में फंस गए थे यात्री
पाकिस्तान के रेल सेवा रद्द कर देने के बाद पाकिस्तान के ड्राइवर और गाइड अटारी स्टेशन पर ही समझौता एक्सप्रेस को छोड़कर अपने देश चले गए थे। इससे पाकिस्तान के 41 और भारत के 76 यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए थे। मामले की जानकारी के बाद भारतीय ड्राइवर को भेजकर इन यात्रियों को वापस लाया गया। वहीं ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई है।
लाहौर बस सेवा की शुरुआत फरवरी 1999 में
इसी तरह से लाहौर से डीटीसी की बसें हर मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार जबकि पाक की बसें हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दिल्ली के लिए चलती हैं। पुलवामा में आतंकी हमले और बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद दोनों देशों के बीच बस सेवा बंद नहीं हुई। दिल्ली-लाहौर बस सेवा की शुरुआत फरवरी 1999 में हुई थी और 2001 में संसद हमले के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था। हालांकि जुलाई 2003 में फिर से इसकी शुरुआत की गई थी।