फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- परीक्षा में नकल महामारी की तरह समाज को कर सकती नष्ट

Wed, 28 Dec 2022 06:32 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार


चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंड पीठ ने कहा, किसी भी देश की प्रगति के लिए शिक्षा प्रणाली की अखंडता अचूक होनी चाहिए। जो छात्र मेहनत करने वालों से आगे निकलने के लिए अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं, नकल करते हैं और बच निकलते हैं, वे राष्ट्र का निर्माण नहीं कर सकते।
विज्ञापन
Delhi high court - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, परीक्षा में नकल करना प्लेग महामारी जितना खतरनाक है। इससे समाज पूरी तरह नष्ट हो सकता है। जो लोग नकल करते हैं या इसमें शामिल होते हैं उनके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंड पीठ ने कहा, किसी भी देश की प्रगति के लिए शिक्षा प्रणाली की अखंडता अचूक होनी चाहिए। जो छात्र मेहनत करने वालों से आगे निकलने के लिए अनुचित साधनों का सहारा लेते हैं, नकल करते हैं और बच निकलते हैं, वे राष्ट्र का निर्माण नहीं कर सकते। इनके साथ किसी तरह की हमदर्दी नहीं दिखाई जानी चाहिए। इस मामले में कुछ छात्र प्रश्न पत्र हासिल कर लेते हैं और आपस में सवाल और जवाब साझा करते हैं, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारी में दिन-रात एक करने वालों के मुकाबले अनुचित लाभ मिलता है।

नकल करते पकड़ा गया था याचिकाकर्ता
पीठ एकल जज के आदेश के खिलाफ अपीलकर्ता इंजीनियरिंग छात्र की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। इसमें एकल जज के परीक्षा रद्द करने के फैसले में हस्तक्षेप की मांग की गई थी। अपीलकर्ता को दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था। हाईकोर्ट ने अपीलकर्ता की अर्जी खारिज करते हुए कहा, एकल जज के फैसले में कोई गड़बड़ी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें