पीठ ने दोनों संस्थाओं को भी हलफनामा देकर नौ मार्च तक यह बताने को कहा है कि वह एक दिन, सप्ताह और महीने में कोवाक्सिन और कोविशील्ड टीके का कितनी मात्रा में निर्माण करने में सक्षम हैं। साथ ही यह भी बताना होगा कि फिलहाल टीके की कितनी खुराक इस्तेमाल हो रही और कितनी खुराक अभी उनके पास बचीं हैं।
केंद्र से पूछा, दिल्ली में कितना टीका पहुंचाने की क्षमता है
कोर्ट ने साथ ही केंद्र सरकार से हलफनामा दाखिल कर मौजूदा आपूर्ति शृंखला के हिसाब से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में टीकों के परिवहन की क्षमता का खुलासा करने को कहा है। केंद्र को यह भी बताना होगा कि इनेमें से कितने टीकों का इस्तेमाल हो जाता है।
कोर्ट परिसर में टीकाकरण केंद्र लगाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश
पीठ ने साथ ही दिल्ली सरकार से कोर्ट परिसरों में उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर टीकाकरण केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट में बताने को कहा कि क्या कोर्ट परिसर में टीकाकरण केंद्र खोला जा सकता है और चिकित्सा व्यवस्थाओं में क्या सुधार किए जाने की जरूरत है।
जिस तरह मामले बढ़ रहे, अधिक लोगों को टीका लगाने की जरूरत
पीठ ने कहा, जिस तरह कोरोना के मामले फिर बढ़ने लगे हैं, यह वक्त की जरूरत है कि अधिक से अधिक लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाया जाए और लोगों की जिंदगी बचाई जाए। ऐसे में वर्गीकरण का तर्क समझ नहीं आता। पीठ ने उदाहरण दिया कि अभी सरकार ने जिन बीमारियों की शर्त रखी है वे बेहद गंभीर बीमारियां हैं। जरूरी नहीं है कि जजों, कोर्ट कर्मचारियों और वकीलों को ये बीमारियां हों ही, लेकिन इसका यह मतलब तो नहीं है कि इन लोगों को कोरोना का खतरा नहीं है।
34 दिन में पहली बार एक दिन में 17 हजार से अधिक नए मरीज
बीते 34 दिनों में बृहस्पतिवार को पहली बार सबसे ज्यादा एक दिन में 17 हजार से अधिक नए कोरोना मरीज मिले हैं। इनमें 86 फीसदी मरीज सिर्फ छह राज्यों में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बृहस्पतिवार को देश में 17,407 नए संक्रमित मिले। वहीं बुधवार को 89 मरीजों की कोरोना से मौत हुई। 14,031 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया। इससे पहले 28 जनवरी को एक दिन में 18 हजार मरीज मिले थे उसके बाद से इनकी संख्या लगातार कम दर्ज हुई थी।