आजादी से पहले और उसके बाद, खासतौर पर पुलिस व अदालती कामकाज में उर्दू एवं फारसी शब्दों का जमकर इस्तेमाल होता रहा है। केवल पुलिस की बात करें तो आज भी एफआईआर यानी प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज करते समय उर्दू एवं फारसी के शब्दों का खुलकर प्रयोग किया जाता है। दिल्ली पुलिस में अब यह चलन बंद हो रहा है। किसी भी एफआईआर में केवल हिंदी या अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल होगा। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस में ये नया नियम लागू किया जा रहा है।
बता दें कि 1947 से पहले अंग्रेजी शासन के दौरान पुलिस, अदालत और राजस्व महकमे में जो भी कामकाज होता था, उसमें हिंदी की बजाए उर्दू या फारसी के शब्दों की संख्या ज्यादा रहती थी। जमीन की पैमाइश, अदालती आदेश या कर प्रणाली, इन सबके बारे में जब कोई आदेश सार्वजनिक किया जाता था तो उसमें उर्दू के साथ साथ फारसी के शब्द भी रहते थे।
दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस अब उर्दू और फारसी के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेगी।