दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को गगूल पर एक लाख का जुर्माना लगाया है। उच्च न्यायालय ने गूगल को यह अर्थदंड गलत तथ्य प्रस्तुत करने और यूरोपीय पेटेंट कार्यालय (ईपीओ) द्वारा पेटेंट से इनकार करने के संबंध में जानकारी का खुलासा करने में विफलता के लिए सुनाया है। न्यायमूर्ति प्रथिबा एम सिंह ने पेटेंट और डिजाइन के सहायक नियंत्रक के आवेदन को खारिज करने के आदेश के खिलाफ गूगल द्वारा दायर अपील को भी खारिज कर दिया है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि आविष्कारी कदमों की कमी के कारण गूगल का आवेदन खारिज किया गया है तो वहीं, गूगल ने दावा किया है कि एप्लिकेशन को ईपीओ से पहले ही छोड़ दिया था।
गूगल हटाएगा इनकॉग्निटो मोड का यूजर डाटा
हालांकि, किसी भी गूगल यूजर या वादकर्ता को गूगल की तरफ से कोई मौद्रिक लाभ नहीं मिलेगा। बल्कि, यह कीमत गूगल को इस डाटा को नष्ट करने के लिए खर्च करनी होगी। इसके अलावा गूगल ऐसे पुख्ता व्यवस्था भी बनाएगा, जिसके तहत भविष्य में यूजर का इस तरह का कोई डाटा जमा नहीं किया जा सके। हालांकि, इस मामले के आधार पर व्यक्तिगत तौर पर लोग गूगल के खिलाफ मौद्रिक लाभ के लिए क्षतिपूर्ति का दावा कर सकते हैं।