आंध्र प्रदेश सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को एनएचआरसी ने नोटिस जारी किया है। मामला एक कॉलेज छात्रा की आत्महत्या से जुड़ा है। आरोप है कि एक संकाय सदस्य ने मृतका के साथ यौन उत्पीड़न किया, जिसके कारण उसने अपनी जान दी थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मंगलवार को एक बयान में कहा है कि जाहिर तौर पर संस्था के अधिकारियों के लापरवाह रवैये के कारण यह घटना हुई है।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने 17 वर्षीय लड़की की आत्महत्या मामले में मंगलवार को विशाखापत्तनम में पांच लोगों को गिरफ्तार किया। उसने 28 और 29 मार्च की मध्यरात्रि को एक इमारत से कूदकर अपनी जीवन खत्म कर लिया था। छात्रा ने आरोप लगाया था कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी दी थी।
बता दें कि एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए स्वत: संज्ञान लिया था। कथित तौर पर, छात्रा ने अपने पिता को मोबाइल फोन पर एक संदेश में कहा था कि कॉलेज में छात्राओं का यौन उत्पीड़न आम बात है और प्रबंधन इसे रोकने में सक्षम नहीं है। आयोग ने पाया है कि समाचार रिपोर्ट की सामग्री, यदि सच है, तो मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा उठता है और यह चिंता का विषय है।
नोटिस जारी कर मांगी विस्तृत रिपोर्ट
एनएचआरसी ने कहा कि तदनुसार, उसने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारी पैनल ने कहा, इसमें जांच की स्थिति भी शामिल होनी चाहिए।
साथ ही, कॉलेज में अन्य छात्रों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की "पूरी तरह से जांच" करने की आवश्यकता है ताकि अपराधियों पर मामला दर्ज किया जा सके और जीवन और गरिमा के अधिकार के उल्लंघन की ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।