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वैवाहिक दुष्कर्म को तलाक का आधार बनाने की मांग खारिज, हाईकोर्ट ने ठुकराई याचिका

Tue, 09 Jul 2019 09:15 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने उस याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिसमें मांग की गई थी कि केंद्र सरकार को वैवाहिक दुष्कर्म को तलाक का एक आधार बनाने का निर्देश दिया जाए। इस याचिका में यह भी मांग की गई थी कि वैवाहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने का निर्देश भी सरकार को दिया जाए। 

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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट को ऐसा निर्देश सरकार को देने का अधिकार नहीं है। कानून बनाना विधायिका का काम है। अदालत उसे कानून बनाने का आदेश नहीं दे सकती। 

अधिवक्ता अनुजा कपूर ने इस याचिका में कहा था कि कई महिलाओं के साथ उनके पति जबरन शारीरिक संबंध बनाते हैं। किसी भी महिला से उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म है। पुलिस ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करती। इसलिए इन मामलों में एफआईआर दर्ज करने के लिए दिशा-निर्देश बनाने का निर्देश भी केंद्र सरकार को दिया जाए। 
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याचिका में कहा गया था कि मौजूदा हिंदू विवाह अधिनियम 1955, मुस्लिम पर्सनल लॉ 1937 और स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 में वैवाहिक दुष्कर्म को तलाक का आधार नहीं बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद याची ने हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की थी।

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