लंदन में छिपकर बैठे हथियार दलाल व काला धन (अघोषित विदेशी संपत्ति व आय) मामले में आरोपी संजय भंडारी की गिरफ्तारी के लिए अदालत ने खुला गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह समन पर पेश न होने के बाद जारी किया गया है। इससे भंडारी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की 19 लाख पौंड की संपत्ति के जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से भी भंडारी के तार जुड़े हुए हैं। उसी के पैसे से लंदन की संपत्ति खरीदी गई और बाद में कथित रूप से उसे ट्रांसफर किया गया। तीस हजारी अदालत के एसीएमएम पवन सिंह राजावत ने आयकर विभाग की मांग पर संजय भंडारी की गिरफ्तारी के लिए खुला गैर जमानती वारंट जारी किया है।
आयकर विभाग के विशेष अधिवक्ता ने कहा कि जो समन अदालत ने भंडारी की पेशी के लिए जारी किया था वह वापस आ गया है। वह लंदन में छिपा है और उसका प्रत्यर्पण किया जाना है। इसलिए उसकी गिरफ्तारी के लिए खुला गैर जमानती वारंट जारी किया जाए ताकि उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जा सके। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि संजय भंडारी के खिलाफ आयकर चोरी का भी मामला चल रहा है और उसमें भी उसकी गिरफ्तारी के लिए खुला गैर जमानती वारंट हो चुका है।