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Coronavirus : क्या होता है सामुदायिक संक्रमण, भारत में कैसे हैं हालात

Wed, 10 Jun 2020 01:13 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक सवाल यह खड़ा हुआ कि क्या भारत में कोरोना वायरस का प्रसार सामुदायिक स्तर पर फैल चुका है। किसी भी वायरस के संक्रमण के चार चरण होते हैं जिनमें सामुदायिक संक्रमण बेहद खतरनाक होता है। आइये जानते हैं कि यह क्या है और हमारे देश में कोरोना संक्रमण की क्या स्थिति है...
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सामुदायिक संक्रमण उस स्थिति को कहते हैं जब संक्रमण के अधिकतर मामलों का स्रोत अज्ञात होता है। सरकार के मुताबिक भारत में अभी तक कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसार की स्थिति नहीं आई है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं। 

वायरस के संक्रमण के विभिन्न चरण

  • पहला चरण : यह किसी भी वायरस की प्रारंभिक अवस्था है। इसमें कोई व्यक्ति तब संक्रमित होता है जब वह वायरस के स्रोत पर पहुंचता है और उसके बाद उस वायरस का वाहक बन जाता है। 
  • दूसरा चरण : इसे स्थानीय संक्रमण भी कहते हैं। इसमें वायरस के स्रोत से संक्रमित होने वाला व्यक्ति जब अपने परिवार या परिजनों के संपर्क में आता है तो वायरस का संक्रमण उन लोगों तक भी हो जाता है।
  • तीसरा चरण : इस अवस्था को सामुदायिक संक्रमण के नाम से जानते हैं। इसमें संक्रमण स्थानीय स्तर पर संक्रमित हुए किसी व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में या वस्तु से किसी व्यक्ति में श्रृंखलाबद्ध रूप में तेजी से फैलता है। इसमें संक्रमित होने वाले व्यक्ति को संक्रमण के स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है। स्रोत के बारे में कोई जानकारी न होने पर इसे चिह्नित कर पाना असंभव हो जाता है। 

दिल्ली ने केंद्र पर डाली जिम्मेदारी

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सामने आए कोविड-19 संक्रमण के 50 फीसदी मामलों में संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि यह घोषित करना केंद्र के ऊपर था कि कोई शहर सामुदायिक संक्रमण के चरण में प्रवेश कर चुका है।

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जैन ने यह भी कहा कि स्थानीय प्रशासन के मुताबिक दिल्ली में संक्रमण तीसरे स्तर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, 'एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि (दिल्ली में सामुदायिक संक्रमण हो सकता है लेकिन) केंद्र ने इसकी घोषणा नहीं की है।' 

इससे पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि 15 जून तक दिल्ली में 44000 केस होंगे और 6600 बेड की आवश्यकता होगी। तीस जून तक दिल्ली में एक लाख केस बढ़ जाएंगे और 15000 बेड की जरूरत होगी। 15 जुलाई तक राजधानी में 2.25 लाख केस होंगे और 33 हजार बेड चाहिए होंगे और जुलाई के अंत तक दिल्ली में 5.5 लाख केस होंगे और 80 हजार बेड की जरूरत होगी।

लगातार बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले

बता दें कि देशभर में पिछले 24 घंटे में 9,987 नए मामले सामने आए हैं और 266 लोगों की मौत हुई है। भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 2,66,598 हो गई है, जिनमें से 1,29,917 सक्रिय मामले हैं। देशभर में अब तक 1,29,215 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक 7,466 लोगों की मौत हो चुकी है।

देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में आज कोरोना के 2259 मामले मिले और 120 लोगों की मौत हो गई। राज्य में कुल मामले 90,787 हो गए हैं। गुजरात में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 470 नए मामले सामने आए और 33 लोगों की जान चली गई। राज्य में कुल मामलों की संख्या 21,044 हो गई है।

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