फोन टेपिंग को लेकर मुकुल रॉय की ओर से डाली गई याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई हुई है। कोर्ट ने इस मसले पर टेलिकम मिनिस्ट्री, पश्चिम बंगाल सरकार और वोडाफोन को नोटिस जारी किया है। ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोर्ट ने इस पर 7 दिसंबर को जवाब मांगा है।
Mukul Roy's plea seeking probe into 'phone tapping': Delhi High Court issued notice to Union Telecom ministry, West Bengal govt and Vodafone asking them to file reply by 7th December.
— ANI (@ANI) November 20, 2017
दरअसल, टीएमसी के पूर्व मंत्री और वर्तमान में बीजेपी नेता मुकुल रॉय और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। टीएमसी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कहने वाले मुकुल रॉय ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने उनका फोन टेप किया है।
रॉय ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि तृणमूल कांग्रेस उनके प्राइवेट फोन को टेप कर रही है। हालांकि इस मामले में जज के न होने की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी और सुनवाई को 20 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। यह मामला उस वक्त का है जब 10 नवंबर को बीजेपी नेता के रूप में मुकुल रॉय ने बंगाल में पहली रैली में कहा था कि टीएमसी एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है।
उन्होंने सीएम ममता बनर्जी और उनके भतीजे पर निशाना साधा था। रॉय ने अभिषेक बनर्जी को लाभ पहुंचाने संबंधी मामले पर सवाल उठाये थे। रॉय ने आरोप लगाया था कि फुटबाल विश्वकप यहां हुआ लेकिन हमने क्या देखा? वल्र्ड कप के होर्डिंग पर बिश्व बंगला का लोगो था जबकि बिश्व बंगला ब्रांड सरकार की प्रॉपर्टी नहीं है।
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उन्होंने कहा कि उनके पास कागजात हैं जिससे साबित होता है कि यह एक प्राइवेट कंपनी है जिसके मालिक अभिषेक बनर्जी है। रॉय के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अभिषेक ने 13 नवंबर को उन्हें लीगल नोटिस भेजा है। अभिषेक ने कहा कि बीजेपी नेता की ओर से लगाए गए आरोप गलत हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि 48 घंटे में रॉय माफी मांगें।