दिल्ली उच्च न्यायालय ने कर्नाटक कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार की मां और पत्नी की याचिका को स्थगित कर दिया है। याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उन्हें भेजे गए समन को चुनौती दी गई है। ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता की मां और पत्नी को समन जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को है।
इससे पहले 16 अक्तूबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने शिवकुमार की मां और पत्नी को पेशी से छूट प्रदान कर दी थी। ईडी अदालत से कहा था कि शिवकुमार की मां और पत्नी को फिलहाल एजेंसी के सामने पेश होने की जरुरत नहीं है। ईडी ने कांग्रेस नेता की मां गौरम्मा को 15 अक्तूबर और पत्नी उषा शिवकुमार को 17 अक्तूबर को पेश होने के लिए समन जारी किया था।
जिसके बाद गौरम्मा और उषा ने अदालत में अलग-अलग याचिका दायर करते हुए चुनौती दी थी। ईडी के वकील ने जस्टिस बृजेश सेठी से कहा कि उषा को 17 अक्तूबर को एजेंसी के सामने पेश होने की जरुरत नहीं है। उनके और गौरम्मा के खिलाफ फिर से नया समन जारी किया जाएगा जिसमें कि कम से कम सात कार्यदिवस का अंतर होगा।