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कोरोना पीड़ितों की मदद: परिवार में हुई है कोविड से मृत्यु तो किसे मिलेगी पेंशन, कैसे उठा सकते हैं इस योजना का लाभ

Thu, 24 Jun 2021 06:43 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ का कहना कि हजारों ऐसे लोगों की भी कोरोना के कारण मौत हुई है जो अपने घर में रहकर होम आइसोलेशन में ही कोरोना का इलाज करा रहे थे। दिल्ली सरकार ने स्वयं ही लोगों को यह उपाय सुझाया था। सरकार बताए कि इन परिवार के लोगों को वह कैसे मदद करेगी...
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : आम आदमी पार्टी के यूट्यूब वीडियो से फोटो ग्रैब
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने कहा था कि कोरोना से परिवार के किसी कमाऊ व्यक्ति की मृत्यु हुई है तो मृतक के परिवार वालों का ध्यान सरकार रखेगी। सरकार ने 'मुख्यमंत्री कोवि़ड-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना' के सभी बिंदुओं को 22 जून 2021 को एक गैजेट नोटिफिकेशन के जरिए स्पष्ट कर दिया है। इसके अनुसार, योजना का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास इस बात का प्रमाण पत्र होगा कि उनके परिवार के कमाने वाले व्यक्ति की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है।

किसे मिलेगी पेंशन

परिवार के किस व्यक्ति की मृत्यु के बाद किसे कोरोना पेंशन मिलेगी, सरकार ने इसे स्पष्ट कर दिया है। सरकार द्वारा दी गई सूचना के अनुसार...

  • अगर कोरोना के कारण किसी महिला के पति की मृत्यु हुई है तो उसे 2500 रुपये प्रति माह आजीवन पेंशन मिलेगी। इसके अलावा पात्र होने पर उसे विधवा पेंशन भी दिया जाएगा।
  • अगर किसी व्यक्ति के पत्नी की मृत्यु हुई है तो उसे 2500 रुपये आजीवन पेंशन मिलेगी।
  • अगर किसी परिवार में बच्चों का पालन-पोषण करने वाला कोई एक ही अभिभावक था (दूसरे अभिभावक की मृत्यु हो जाने या तलाक ले लेने की परिस्थिति में) तो उसके सभी बच्चों को 25 वर्ष तक की आयु तक 2500 रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • अगर कोरोना के कारण पति-पत्नी की मृत्यु हुई है तो सभी बच्चों के 25 वर्ष की उम्र का होने तक, और मृतक के माता-पिता में से किसी एक को पेंशन दी जाएगी। पात्र होने पर माता-पिता वृद्धावस्था पेंशन पाने के भी हकदार होंगे।
  • अविवाहित, लेकिन कमाऊ पुत्र या पुत्री की मृत्यु होने पर उसके माता या पिता में से किसी एक को 2500 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा पात्र होने पर माता या पिता वृद्धावस्था पेंशन पाने के भी हकदार होंगे।
  • अगर किसी के भाई या बहन की कोरोना से मौत हुई है और उसके आश्रित के रूप में कोई अन्य भाई या बहन हैं, या मानसिक दिव्यांग आश्रित हैं तो उन्हें भी 2500 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
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लाभ पाने के लिए शर्तें

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए यह प्रमाणित होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु कोविड के कारण ही हुई है।
  • मृतक व्यक्ति का कोविड से मृत्यु प्रमाण पत्र (गृह मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट पत्र पर) होना चाहिए।
  • अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु कोविड टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के एक महीने के अंदर हुई हो और इसका स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रमाणित कर दिया गया हो, ऐसे लोगों के परिवार जन भी इस योजना के पात्र होंगे।
  • इस सहायता को प्राप्त करने के लिए कोई आर्थिक मापदंड नहीं बनाया गया है, यानी हर आय वर्ग के लोग इस योजना का लाभ पाने के हकदार होंगे।
  • योजना का लाभ केवल उन्हीं मृतकों के परिवार के लोगों को मिलेगा जो दिल्ली के निवासी रहे होंगे। आश्रितों का भी दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है।
  • योजना का लाभ लेने के लिए दिल्ली का निवासी होने का प्रमाण पत्र (घर के दस्तावेज, राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या आधार कार्ड) दिखाना जरूरी होगा।
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ये मदद भी मिलेगी

  • पेंशन के अलावा सरकार मृतक व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नागरिक सुरक्षा स्वयं सेवक के रूप में नामांकित करने पर विचार करेगी।
  • कोविड के कारण होने वाली प्रत्येक मृत्यु पर मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  • यह आर्थिक सहायता दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग से मिलने वाले एक फॉर्म को भरकर प्राप्त किया जा सकता है।

भाजपा ने की आलोचना

दिल्ली प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि इस कोविड काल में हजारों ऐसे लोगों की भी कोरोना के कारण मौत हुई है जो अपने घर में रहकर होम आइसोलेशन में ही कोरोना का इलाज करा रहे थे। दिल्ली सरकार ने स्वयं ही लोगों को यह उपाय सुझाया था। लेकिन इन परिवार वालों के पास कोरोना मौत का कोई प्रमाण पत्र नहीं है। सरकार बताए कि इन परिवार के लोगों को वह कैसे मदद करेगी।

नेहा शालिनी दुआ ने आरोप लगाया कि इस दौरान अनेक लोगों को अस्पताल में दाखिला तक नहीं मिला, उनकी अस्पताल के बाहर ही मौत हो गई। आशंका है कि इन परिवार के लोगों के पास भी कोरोना से मौत होने का कोई प्रमाण पत्र नहीं होगा। ऐसे परिवार वालों की मदद के बारे में सरकार के पास क्या योजना है।

हजारों लोगों ने इस बात की शिकायत की थी कि कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी उनकी रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आई। कई प्रकार की रिपोर्ट्स निगेटिव आ रही हैं, इसे स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकार ने भी स्वीकार किया था। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि वह इन परिवार के लोगों की आर्थिक मदद कैसे करेगी।
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