दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सों के लिए हेल्पलाइन बनाने के सुझाव पर आम आदमी पार्टी की सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल निजी अस्पतालों द्वारा पीपीई किट और एन-95 मास्क उपलब्ध नहीं कराने पर नर्सों को शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन बनाने का सुझाव दिया गया था। साथ ही कोरोना मरीजों की देखभाल के दौरान मौत होने पर उन्हें मुआवजा देने पर भी विचार करने का सुझाव दिया गया था।
चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस प्रतीक जालान की पीठ ने दिल्ली सरकार से उस सुझाव पर भी जवाब मांगा है, जिसमें निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम को संबंधित अधिकारियों के समक्ष पीपीई किट और एन-95 मास्क उपलब्ध कराने को कहा गया है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह अधिवक्ता अनुपम श्रीवास्तव के जरिये उन छह बिंदुओं पर संक्षिप्त जवाब दाखिल करे, जिसका सुझाव एक एनजीओ की तरफ से आया है। इस एनजीओ ने ही जनहित याचिका दाखिल कर कहा था कि निजी अस्पताल नर्सों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा किट मुहैया नहीं करा रहे हैं।