दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेडिकल हब बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही रेखा गुप्ता सरकार ने गुरुवार को 34 नए आयुष्मान केंद्रों और 8 जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन किया। इसके साथ अब दिल्ली में आयुष्मान केंद्रों की संख्या 67 और जन औषधि केंद्रों की संख्या 25 हो गई है। दिल्ली में कुल 1119 आयुष्मान केंद्र खोले जाने हैं। हर विधानसभा में कम से कम 15 आयुष्मान केंद्र खोले जाएंगे। इस तरह मुफ्त इलाज की सुविधा लोगों को अपने घर के आसपास मिल सकेगी। इनमें न केवल लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों की दवा मुफ्त मिलेगी, बल्कि कई प्रकार के टेस्ट और दवाएंं भी मुफ्त में उपलब्ध होंगी।
गरीबों के इलाज को डिजिटलीकरण की शक्ति भी दी गई है। यानी इन आयुष्मान केंद्रों में मरीजों का आंकड़ा और बीमारी की प्रकृति कंप्यूटर में दर्ज होगी। इससे इलाज में किसी भी तरह के फ्रॉड होने की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। मरीजों की बीमारी का रिकॉर्ड उपलब्ध होने से चिकित्सकों को भी उनकी बीमारी का पुराना इतिहास जानकर इलाज करने में सुविधा होगी।
इस योजना को बड़ा क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि ज्यादातर लोगों को छोटी-मोटी बीमारियां ही परेशान करती हैं, लेकिन आसपास में अच्छी स्वास्थ्य सुविधा न होने के कारण लोगों को बड़े अस्पतालों की ओर भागना पड़ता है, जिससे वहां भीड़ बढ़ती है और वहां गंभीर रोगों का इलाज कराने आए मरीजों की प्राथमिकता पीछे छूटती है। लेकिन मुफ्त और विश्वसनीय इलाज मिलने के बाद लोग बड़े अस्पतालों की ओर भागना बंद करेंगे। इससे उनका दिन का समय बचेगा और वे अपने कामकाज से छुट्टी किए बिना सही इलाज प्राप्त कर सकेंगे।
इलाज की तीन श्रेणियां
इन केंद्रों में केवल छोटी-मोटी बीमारियों का ही इलाज नहीं होगा। बल्कि दिल्ली सरकार ने बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इसे तीन श्रेणियों में बांटा है।प्राथमिक चिकित्सा, सामान्य चिकित्सा व सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधा शामिल है। हेल्थ सेक्टर के विकास के लिए 1700 करोड़ रुपये का बजट दिया है। गंभीर बीमारियों के होने पर मरीज को बड़े अस्पतालों को भी रेफर किया जा सकेगा। इससे बड़े अस्पतालों में रेफर किए गए मरीज पहुंचेंगे और वहां उन्हें इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
अब तक क्या हुआ?
गुरुवार को अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) और 34 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की शुरुआत की गई है। इसके अलावा आठ नए जन औषधि केंद्र (जेएके) भी खोले गए हैं। इसके पहले 33 आयुष्मान केंद्रों का उद्घाटन हुआ था। दिल्ली सरकार हर विधानसभा में 15 आयुष्मान केंद्र खोलने का लक्ष्य लेकर आगे चल रही है। इसका अर्थ है कि दिल्ली में 1139 आयुष्मान केंद्र खोले जाएंगे। दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि राजधानी में 93 लाख आभा आईडी यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाए हैं।
ये आरोग्य मंदिर टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य सेवा, टीबी- कुष्ठ रोग उन्मूलन और गैर-संचारी रोगों की जांच व प्रबंधन जैसी 12 मुख्य सेवाएं प्रदान करते हैं। साथ ही इन आरोग्य मंदिरों में इन-हाउस लैब जांच, योग सत्र और टेली-मेडिसिन सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल का हेल्थ सिस्टम कहीं दिखाई नहीं पड़ता है, जबकि उनकी सरकार के 67 आयुष्मान केंद्रों और 25 दवा केंद्रों का कोई भी निरीक्षण कर सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के हर नागरिक को मुफ्त और विश्वसनीय इलाज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। सरकार दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेडिकल हब बनाना चाहती है जहां पूरी दुनिया के लोग अपना सस्ता और सुलभ इलाज कराने के लिए आएं।