Vice Presidential Poll: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद नए उपराष्ट्रपति पद के चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया कमर कस चुका है। सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल इस बार पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। वे मानते हैं कि भले ही जीत की संभावना कम हो, लेकिन लोकतांत्रिक लड़ाई लड़नी चाहिए ताकि एक राजनीतिक संदेश जाए।
विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया अलायंस ने संकेत दिए हैं कि वे आगामी उप राष्ट्रपति चुनाव में एक संयुक्त उम्मीदवार उतार सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन का मानना है कि भले ही संख्या के लिहाज से बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए को बढ़त है, लेकिन मुकाबला एकतरफा नहीं है। ऐसे में विपक्ष यह चुनाव लड़कर एक मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहता है।
क्यों खाली हुई उपराष्ट्रपति की कुर्सी?
हाल ही में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उनके इस्तीफे के पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं। उन्होंने अगस्त 2022 में कार्यभार संभाला था और उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था। जगदीप धनखड़ राज्यसभा के अध्यक्ष भी थे और उनका इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। बताया गया है कि हाल ही में उन्होंने दिल्ली के एम्स में एंजियोप्लास्टी कराई थी। उनके और विपक्ष के बीच कई बार टकराव भी देखने को मिला था। विपक्ष ने उनके खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव भी लाया था, जिसे बाद में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया।
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जीत के लिए कितने वोट चाहिए?
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों की तरफ से किया जाता है, जिसमें नामित सदस्य भी शामिल होते हैं।
चुनाव की प्रक्रिया शुरू
चुनाव आयोग ने उप राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। संविधान के अनुच्छेद 68(2) के अनुसार, उप राष्ट्रपति के इस्तीफे, मृत्यु या हटाए जाने की स्थिति में चुनाव जल्द से जल्द कराना अनिवार्य है। नए उप राष्ट्रपति को पूरा 5 साल का कार्यकाल मिलेगा, जो उस दिन से शुरू होगा जब वह पदभार संभालेगा।