उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली की एक्साइज पॉलिसी 2021-22 की सीबीआई जांच करने की सिफारिश कर दी है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि नई एक्साइज पॉलिसी के नाम पर भ्रष्टाचार किया गया है और दुकानों के अलॉटमेंट में भी भ्रष्टाचार किया गया है। नई एक्साइज पॉलिसी से दिल्ली में नशाखोरी को बढ़ावा दिया गया है और ऑनलाइन शराब की बिक्री की अनुमति देकर घर-घर शराब पहुंचाने की व्यवस्था कर दी गई है। सक्सेना की यह सिफारिश भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा की शिकायत के बाद की गई है।
नियमों के बदलाव के नाम पर दिल्ली में शराब खरीदने के लिए आवश्यक उम्र सीमा घटाकर 25 वर्ष से 21 वर्ष कर दी गई। इसके अलावा गली-मोहल्लों में भी शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दे दी गई, जिसका जगह-जगह विरोध हुआ। एक ही इलाके में सभी दुकानें खोलने के लिए एक ही कंपनी को अनुमति देने का भी रास्ता तैयार कर दिया गया। आरोप लगाया जा रहा है कि इसके बदले में शराब व्यापारियों से भारी भरकम पैसा वसूल किया गया।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसे अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता को रोकने की कोशिश बताया है। पार्टी का आरोप है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी के कामकाज को लगातार रोकने की कोशिश की जा रही है। पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, अनिल बैजल के बाद अब नए उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के द्वारा उसकी योजनाओं को लगातार रोकने की कोशिश की जा रही है।
पार्टी का आरोप है कि शराब नीति पर सवाल उठाकर उसके नेता मनीष सिसोदिया को फंसाने की कोशिश की जा रही है। चूंकि आम आदमी पार्टी दूसरे राज्यों में अपने विस्तार के लिए दिल्ली की शिक्षा को ही मॉडल बताती है, अपने स्कूलों की व्यवस्था को बेहतर बताने की कोशिश करती है, लिहाजा उसके शिक्षा मंत्री को फंसाने की कोशिश की जा रही है।
आप का आरोप है कि अरविंद केजरीवाल सिंगापुर जाते और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सामने दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था का बखान करते, तो इससे उनकी लोकप्रियता बढ़ती, लिहाजा इसे रोकने के लिए भाजपा अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर जाने से रोकना चाहती है। उसका आरोप है कि यह मामला दबाने के लिए अब मनीष सिसोदिया का मामला उछाला जा रहा है, जिससे केजरीवाल को रोकने की उसकी कोशिश लोगों के सामने न आए।