फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में 'एक थी कांग्रेस', 66 में से 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त

Tue, 11 Feb 2020 07:52 PM IST
आसिम खान चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
congress office - फोटो : PTI
विज्ञापन

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया। पार्टी के 66 उम्मीदवारों में से 63 की जमानत तक जब्त हो गई। इन सीटों पर कांग्रेस को कुल वोटों के पांच फीसदी से भी कम वोट मिले।

विज्ञापन


15 साल तक दिल्ली की सत्ता में रही कांग्रेस लगातार दूसरी बार खाता भी नहीं खोल पाई। गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली, बादली से देवेंद्र यादव और कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे।

अगर कोई उम्मीदवार कुल वोटों में से करीब 17 फीसदी वोट हासिल नहीं कर पाता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त हो जाती है। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी शिवानी चोपड़ा तक अपनी जमानत नहीं बचा सकीं।
विज्ञापन


वह कालकाजी से उम्मीदवार थीं। वहीं विधानसभा के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री की बेटी प्रियंका सिंह का भी यही हाल रहा। पार्टी के अभियान समिति के चेयरमैन कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा और उन्हें महज 2.23 फीसदी वोट मिले। 

कैसे जब्त होती है जमानत

यदि किसी उम्मीदवार को निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों का छठा भाग नहीं मिलता है, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है। कांग्रेस के अधिकतर प्रत्याशियों को पांच प्रतिशत से भी कम वोट मिले हैं। दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा की बेटी शिवानी चोपड़ा की कालकाजी सीट से जमानत जब्त हो गई।

हार को स्वीकार करते हुए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जीत की बधाई दी है। कांग्रेस ने कहा कि वह जनादेश स्वीकार करती है और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के नवनिर्माण का संकल्प लेती है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें