आम आदमी पार्टी की हवा में भाजपा सांसदों का किला भी ढेर हो गया। भाजपा के केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन समेत तीन सांसद तो अपने क्षेत्र में जीरो पर आउट हो गए। इसी तरह सांसद हंसराज हंस के लोकसभा क्षेत्र में महज एक सीट भाजपा जीत सकी। हालांकि, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी व क्रिकेटर से सांसद बने गौतम गंभीर के लोकसभा क्षेत्र में पार्टी ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन कर तीन-तीन सीट जीती हैं।
लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर में भाजपा ने सभी सातों सीटों पर परचम तो लहरा लिया, लेकिन आठ महीने बाद अपने गढ़ में धराशायी हो गए। चांदनी चौक लोकसभा सीट से जीतने वाले डॉ. हर्षवर्धन के क्षेत्र में तो 10 विधानसभा सीटों में से एक भी सीट नहीं जीती जा सकी। आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर चुनाव आयोग का प्रतिबंध झेलने वाले पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा भी अपने क्षेत्र में एक भी सीट दिलवाने में असफल रहे। नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद मीनाक्षी लेखी का भी ऐसा ही हाल रहा।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद मनोज तिवारी के क्षेत्र में पार्टी ने बेहतर किया। इसके अंतर्गत करावल नगर, घोंडा और रोहताश नगर विधानसभा सीट से भाजपा ने जीत हासिल की है। इसी तरह पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र जहां से गौतम गंभीर सांसद हैं यहां भाजपा ने लक्ष्मीनगर, विश्वासनगर और गांधीनगर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की है।
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली संसदीय क्षेत्र में जहां से सांसद हंसराज हंस सबसे अधिक वोटों से चुनाव जीते थे वहां से महज रोहिणी विधानसभा सीट से विजेंद्र गुप्ता ही अपनी सीट बचा सके। दक्षिणी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद रमेश बिधूड़ी भी अपने लोकसभा क्षेत्र में बदरपुर विधानसभा सीट ही बचा पाए। बिधूड़ी तुगलकाबाद से खुद विधायक रह चुके हैं। उन्होंने वहां पर अपने भतीजे को टिकट दिलवाया था, लेकिन अपने भतीजे की सीट भी बिधूड़ी नहीं बचा पाए।