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Delhi Election: एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त, फिर पार्टी ने नेताओं को क्यों किया सतर्क?

सार

Delhi Election:  दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, पार्टी की केंद्रीय इकाई के मीडिया इंचार्ज और सांसद अनिल बलूनी सहित कुछ वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हुई आज की बैठक में सभी प्रत्याशियों और अन्य नेताओं को यह कहा गया है कि चुनाव परिणाम आने के दिन उन्हें किस तरह से अपनी बात मीडिया के सामने रखनी है।
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दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और सांसद बांसुरी स्वराज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम से जुड़े एग्जिट पोल्स में मिले-जुले रुझान आने की संभावना जताई गई है। कई एग्जिट पोल में संभावना व्यक्त की गई है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में सरकार बना सकती है, लेकिन दो एक्जिट पोल में आम आदमी पार्टी को भी सरकार बनाते हुए बताया गया है। इससे राजनीतिक दलों में असमंजस की स्थिति है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिया है कि जनादेश के आंकड़े स्पष्ट होने के पहले मीडिया में किसी बड़ी बयानबाजी से बचें। पूर्व में एग्जिट पोल के उलटफेर होने के इतिहास को देखते हुए नेताओं से केवल एग्जिट पोल के आधार पर किसी बड़ी बयानबाजी को करने से बचने की नसीहत दी गई है। 

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गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के सभी प्रत्याशियों और पार्टी के चुनाव प्रभारियों को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बुलाया गया था। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, पार्टी की केंद्रीय इकाई के मीडिया इंचार्ज और सांसद अनिल बलूनी सहित कुछ वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हुई आज की बैठक में सभी प्रत्याशियों और अन्य नेताओं को यह कहा गया है कि चुनाव परिणाम आने के दिन उन्हें किस तरह से अपनी बात मीडिया के सामने रखनी है। नेताओं से केवल शुरूआती रुझान के आधार पर कोई बड़ी दावेदारी करने से बचने को कहा गया है। 

भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस चुनाव में अपने बेहतर प्रदर्शन को लेकर पूरी तरह आस्वस्त है। पार्टी को इस बात का भी भरोसा है कि इस दिल्ली विधानसभा चुनाव में वह अकेले दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकती है।  लेकिन इसके बाद भी कई प्रदेशों में और पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल के आंकड़ों के असली आंकड़ों से मेल न खाने के कारण हुई किरकिरी से बचने के लिए नेताओं को स्पष्ट जनादेश आने के पहले किसी तरह की बयानबाजी से बचने की सलाह दी गई है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने चुनावी अभियान में लोकसभा चुनावों में 400 सीटों पर जीत का दावा किया था। कुछ एग्जिट पोल्स में पार्टी को तीसरी बार भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का अनुमान जताया गया था। एक एक्जिट पोल ने तो भाजपा गठबंधन को 400 सीटों को पार करते हुए भी बताया गया था लेकिन असली चुनाव परिणामों में भाजपा 240 सीटों पर ठहर गई थी। 
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वहीं, आम आदमी पार्टी के कुछ एक्जिट पोल में विपरीत चुनाव परिणाम की आशंका के बाद भी पार्टी के हौसले बरकरार हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अभी भी इस बात का भरोसा है कि वह बेहतर प्रदर्शन करने में कामयाब रहेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बताया है कि उसकी रणनीति से निचले और कमजोर वर्ग का एक बड़ा तबका अभी भी उसके साथ खड़ा हुआ है। मुसलमान मतदाताओं में भी कांग्रेस और एआईएमआईएम के कारण जिस तरह के विभाजन की आशंका जताई जा रही थी, उस स्तर का विभाजन नहीं हुआ है। पार्टी ने अपने नेताओं को मीडिया में पूरी मजबूती के साथ अपनी बात रखने की सलाह दी है।

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