भाजपा सूत्रों का कहना है कि दिल्ली चुनाव के बाद पार्टी राजग को मजबूत बनाने और सहयोगियों की नाराजगी दूर करने की दिशा में व्यापक पहल करेगी। इसके तहत सहयोगी दल के किसी वरिष्ठ नेता को राजग के संयोजक पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार में भी छूटे सहयोगियों को शामिल किया जाएगा।
दिल्ली में जदयू-लोजपा गठबंधन की वजह इसी साल बिहार में होने वाला विधानसभा चुनाव और दलित-पूर्वांचली मतदाता भी हैं। लोजपा के सहारे पार्टी दिल्ली के दलित मतदाताओं को संदेश देना चाहती है, जबकि लोजपा-जदयू के सहारे पूर्वांचली मतदाताओं को।
इसके अलावा इस गठबंधन के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि बिहार में लोकसभा चुनाव की तरह भाजपा-लोजपा-जदयू गठबंधन जारी रहेगा। राज्य में भाजपा-जदयू के बीच समय समय पर सामने आ रहे मतभेद के कारण चुनाव पूर्व गठबंधन पर कयास लगते रहे हैं।