दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई पैक) के निदेशक विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी। पटियाला हाउस कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने भी नियमित जमानत का विरोध नहीं किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भूमिका अहम रही, लेकिन सुनवाई के दौरान एजेंसी ने जमानत याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
विनेश चंदेल पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की जांच चल रही थी। जांच एजेंसी का कहना था कि वित्तीय लेन-देन में कुछ अनियमितताएं पाई गई थीं, जिसके बाद केस दर्ज किया गया था।
जमानत आदेश के मुख्य बिंदु
- ईडी का रुख... अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल ने आदेश में यह प्रमुखता से दर्ज किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस जमानत याचिका का विरोध नहीं किया।
- पूछताछ में सहयोग... कोर्ट ने ईडी की इस बात पर भी गौर किया कि 10 दिनों की हिरासत के दौरान विनेश चंदेल ने जांच में सहयोग किया और "चल रही जांच के लिए कुछ उपयोगी सुराग और जानकारी प्रदान की।"
- पीएमएलए की शर्तें लागू नहीं... न्यायाधीश ने कहा कि चूंकि अभियोजक ने मौका मिलने के बावजूद जमानत याचिका का विरोध नहीं किया, इसलिए इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 45 की दोहरी शर्तें लागू नहीं होंगी।
- जमानत की राशि... अदालत ने विनेश कुमार चंदेल को 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानतदार को पेश करने पर जमानत दे दी।
ईडी ने नहीं किया विरोध; वकील ने बताई वजह
जमानत मिलने के बाद निदेशक के वकील विकास पाहवा ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही नियमित जमानत याचिका दायर की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने सुनवाई से एक दिन पहले अपना जवाब दाखिल किया और जमानत का विरोध नहीं किया।
पाहवा के अनुसार, एजेंसी ने माना कि चंदेल ने जांच में पूरा सहयोग किया और स्वेच्छा से सभी जरूरी दस्तावेज व जानकारी उपलब्ध कराई। साथ ही जांच अधिकारी का बयान भी दर्ज हुआ, जिसके बाद अदालत ने कुछ सामान्य शर्तों के साथ जमानत दे दी। उन्होंने यह भी बताया कि चंदेल को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था और वे करीब 17 दिन हिरासत में रहे, जिसमें 10 दिन पुलिस कस्टडी शामिल थी। पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होने के बाद जमानत मिलने के सवाल पर पाहवा ने कहा कि इसे महज संयोग भी माना जा सकता है, इस पर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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