ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लेकर चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आया है। भाजपा विधायकों को दोबारा मतपत्र मिलने के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ने ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सुनवाई करने का फैसला दिया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बीजद की शिकायतों पर सुनवाई करने का निर्देश दिया है। इस शिकायत में 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के दौरान दो भाजपा विधायकों को दूसरा मतपत्र जारी किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की है। चुनाव आयोग का यह निर्देश बीजद सांसद सस्मित पात्रा की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सौंपी गई याचिका के जवाब में आया है।
तेज कार्रवाई का सराहना की
भारतीय निर्वाचन आयोग के अवर सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि बीजद प्रतिनिधिमंडल की शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी दल ने एक बयान में कहा कि बीजद चुनाव आयोग की इस त्वरित और जिम्मेदार कार्रवाई की सराहना करती है, जो लोकतांत्रिक संस्थानों में विश्वास को मजबूत करती है।
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, बीजद ने कहा कि उसका प्रतिनिधिमंडल ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष सभी प्रासंगिक तथ्यों और चिंताओं को प्रस्तुत करेगा और इस मामले में उचित स्पष्टीकरण और कार्रवाई की मांग करेगा।
क्या है पूरा मामला?
पात्रा ने चुनाव आयोग को दिए अपने ज्ञापन में 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के दो विधायकों - उपासना मोहपात्रा और पूर्ण चंद्र सेठी - को दूसरा मतपत्र जारी किए जाने से संबंधित गंभीर चिंताओं को उजागर किया था। बीजद ने चुनावी प्रक्रियाओं और पहले मतपत्र पर निशान लगने के बाद दूसरा मतपत्र जारी करने की स्थिति में मतदान प्रक्रिया की पवित्रता पर सवाल उठाए हैं।