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दिल्ली का बजट: राष्ट्रवादी डिजाइन से राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा से मुकाबले की तैयारी में केजरीवाल

Tue, 09 Mar 2021 03:45 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली के सरकारी स्कूलों में मुफ्त मिलेगा कोरोना का टीका, विशेष टेस्ट को निजी अस्पतालों में मुफ्त में कराया जा सकेगा।
  • दिल्ली के बजट में शिक्षा को एक बार फिर लगभग एक चौथाई बजट,
  • महिलाओं के लिए विशेष मोहल्ला क्लीनिक
  • बुजुर्गों का सम्मान और छात्रों को उद्यमी बनाने का खाका पेश
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मनीष सिसोदिया ने पेश किया दिल्ली का पहला डिजिटल बजट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने मंगलवार को अपना सातवां बजट पेश किया। यह बजट पूरी तरह से आजादी, देशभक्ति और राष्ट्रवाद के रंग में रंगा हुआ नजर आया। सरकार ने बच्चों में राष्ट्रवाद की भावना जगाने के लिए सैनिक स्कूल खोलने से लेकर हर एक-दो किलोमीटर पर तिरंगा स्थापित करने पर बल दिया है। महिलाओं के लिए विशेष महिला मोहल्ला क्लीनिक स्थापित करने की बात कही गई है, तो बुजुर्गों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम किए जाने की घोषणाएं भी बजट में की गई हैं।

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दिल्ली के वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट को देशभक्ति बजट का नाम दिया। पहली बार ई-बजट पेश करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि इस बजट से उस दिल्ली का सपना देखा जा रहा है, जो 2047 में राजधानी की तीन करोड़ की संभावित आबादी की चुनौतियों से निबटने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा कि सरकार आजादी की 75वीं वर्षगांठ को मनाने के लिए विशेष प्रावधान कर रही है।




दिल्ली सरकार के बजट में अनेक प्रावधान राष्ट्रवाद को बढ़ाने वाले किये गए हैं। माना जा रहा है कि इन योजनाओं के जरिए अरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी से मुकाबले की तैयारी कर रहे हैं, जो राष्ट्रवाद की नाव पर सवार होकर इस समय देश की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।

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दिल्ली बजट 2021-22 की प्रमुख घोषणाएं-

  • बच्चों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जाएगा। हर दिन कक्षा में एक क्लास देशभक्ति के लिए होगी। जिससे बाद में बच्चे पढ़े-लिखे देशभक्त बनकर निकलें। रिश्वत लेना तो दूर रेडलाइट जंप करने को भी बच्चे अपनी देशभक्ति पर प्रश्न चिन्ह की तरह समझेंगे।
  • आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर भगत सिंह के जीवन पर आधारित अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन भी किया गया है।
  • बीआर अंबेडकर की जीवनी पर आधारित विशेष कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
  • हर एक-दो किलोमीटर की दूरी पर एक ऊंचा तिरंगा स्थापित किया जाएगा, जिससे लोग कहीं भी निकलें, उन्हें तिरंगा दिखाई पड़े और नागरिकों के मन में देशभक्ति का भाव पैदा हो।
  • दिल्ली में पहला सैनिक स्कूल खोला जाएगा। इससे बच्चों को एनडीए और सेना में भर्ती होने में मदद मिलेगी।

बुजुर्गों का विशेष सम्मान

  • बुजुर्गों का विशेष सम्मान करने के लिए दो करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 75 साल या इससे ऊपर की उम्र के बुजुर्गों का सम्मान किया जाएगा।

स्वास्थ्यः

  • स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 9934 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की गई है। यह पूरे बजट का 14 फीसदी है।
  • स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। दिल्ली के लोगों को सरकारी अस्पतालों में लगातार मुफ्त वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है।
  • इसके अलावा 1293 करोड़ रुपये में स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार किया जाएगा। अनेक अस्पतालों के जरिए 14 हजार बिस्तरों की बढ़ोतरी की जाएगी।
  • महिलाओं के लिए विशेष महिला मोहल्ला क्लीनिक खोले जाएंगे।
  • नागरिकों के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड रखने के लिए एक विशेष कार्ड बनाया जाएगा। मरीज अपना कार्ड ले जाकर डॉक्टर से उचित सलाह ले सकेंगे। आनुवांशिक बीमारियों का इलाज करने और बीमार लोगों को ट्रैक करने में आसानी रहेगी।
  • बड़ी बीमारियों के टेस्ट प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त कराए जा सकेंगे। इसके लिए विशेष फंड निर्धारित किया जा सकेगा।

शिक्षा हेतु प्रावधानः

  • शिक्षा के लिए दिल्ली सरकार ने एक बार फिर कुल बजट का लगभग एक चौथाई बजट निर्धारित किया है। इस बार 16377 करोड़ रुपये का शिक्षा बजट घोषित किया गया है। इसके अंतर्गत कई नई योजनाओं की शुरुआत की गई है।
  • दिल्ली सरकार नया शिक्षा बोर्ड गठित करेगी। आठवीं तक के बच्चों के लिए पूरी तरह नया सिलेबस लाया जाएगा। 100 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
  • 11वीं-12वीं के छात्रों को प्रति छात्र 2000 रुपये नए बिजनेस आइडिया के लिए दिया जाएगा।
  • बच्चों को देशभक्त और उद्यमी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
  • दिल्ली के छात्रों के लिए बेहतरीन अध्यापक तैयार करने के लिए विशेष योजना की घोषणा की गई है।
  • एक साल में पांच से छह लाख युवाओं को लाभ मिलेगा।
  • दस लाख रुपये तक का शिक्षा कर्ज उपलब्ध कराने की योजना जारी रहेगी।
  • खेलों के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है। अगले 25 साल में विश्वस्तरीय ढांचा तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

गरीबों के लिए आवासः

  • सड़क, नाली, सीसीटीवी से आगे बढ़कर गरीबों को निवास देने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। 1550 करोड़ रुपये के विशेष बजट से झुग्गी में रहने वाले गरीबों के लिए नए आवास विकसित करने और इन क्षेत्रों का विकास करने के लिए खर्च किया जाएगा।

जलापूर्तिः

  • पानी की गुणवत्ता चेक करने के लिए नौ विशेष प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
  • सभी अनिधिकृत कालोनियों में पानी की सप्लाई पाइप के जरिए की जा सके, इसकी कोशिश की जाएगी। इस समय 93 फीसदी लोगों को पाइपलाइन से जल उपलब्ध किया जाता है।
  • स्वच्छ जलापूर्ति के लिए 3274 करोड़ रुपये के विशेष फंड की व्यवस्था की गई है।
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भाजपा ने की आलोचना

भाजपा ने दिल्ली सरकार के बजट की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने इसे हर स्तर पर फेल बजट बताया है। दिल्ली भाजपा की प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि दिल्ली सरकार की मोहल्ला क्लीनिक योजना बुरी तरह असफल साबित हुई है। सरकार ने इसके बाद भी महिला मोहल्ला क्लीनिक की बात कर अपनी असफलता को आगे बढ़ाने का ही निर्णय किया है।

उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली सरकार का यह दावा है कि वह एक देशभक्ति का बजट पेश कर रही है तो उसे सभी नागरिकों को एक समान रूप से देखना चाहिए। अगर वह इमामों को वेतन दे सकती है तो उसे बताना चाहिए कि पुजारियों को इसी तर्ज पर वेतन क्यों नहीं दिया जाना चाहिए।

दिल्ली के लोगों को साफ जल उपलब्ध कराना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। लेकिन सरकार ने माना है कि वह केवल 93 फीसदी आबादी तक स्वच्छ जल पहुंचा पा रही है। यानी सात फीसदी लोग तक आज भी साफ पानी की बाट जोह रहे हैं। हालांकि सच्चाई यह है कि दिल्ली की भारी आबादी आरओ सिस्टम से पानी पीने को मजबूर है क्योंकि सरकार उसे साफ जल उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। बाकी लोग गंदा पानी पीकर हैजा-मलेरिया जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की बनती है।
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