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व्यापारी सम्मेलन में भाजपा से नाराज दिखे बिजनेस मैन, खाली रह गया तालकटोरा स्टेडियम

Mon, 30 Dec 2019 07:56 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • नोटबंदी, व्यापार में मंदी और सीलिंग का असर चुनाव में भाजपा पर पड़ सकता है भारी 
  • मंदी टालने के असर से आश्वस्त नहीं दिख रहे व्यापारी
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Talkatora Stadium Vyapari sammelan - फोटो : AmarUjala
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विस्तार
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भाजपा ने सोमवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में व्यापारी सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन के बहाने पार्टी उन व्यापारियों को साधने की कोशिश कर रही थी, जो सीलिंग और नोटबंदी के कारण व्यापार में आई सुस्ती से उससे नाराज चल रहे हैं। लेकिन भाजपा के लिए यह व्यापारी सम्मेलन आइना दिखाने वाला साबित हुआ। लगभग पांच हजार की पूरी क्षमता वाले तालकटोरा स्टेडियम को भरने के लिए भाजपा नेता भीड़ तक नहीं जुटा सके।

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ऐसा तब हुआ जब कि इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए लंबे समय से तैयारियां की जा रही थीं। जो सीटें भरी भी गईं थीं उनमें व्यापारियों की बजाय आसपास से आए पार्टी के कार्यकर्ता और महिलाएं ही ज्यादा थीं। इनमें दूर-दूर तक कहीं व्यापारी दिखाई नहीं पड़ रहा था। सम्मेलन में कम भीड़ के सवाल पर भाजपा नेता विजय गोयल बचाव की मुद्रा में दिखाई पड़े।

बेहद नाराज दिखे व्यापारी

भाजपा के पारंपरिक वोटर रहे व्यापारियों के सम्मेलन में न पहुंचने पर सवाल पूछने पर एक व्यापारी नेता ने कहा कि सच्चाई यही है कि व्यापारी पार्टी से बेहद नाराज है। व्यापार धंधा बिल्कुल चौपट हो गया है। नकदी की कमी के कारण व्यापार अभी भी बेहद सुस्त है। केंद्र सरकार व्यापार को मजबूत करने के नाम पर बड़े उद्योगपतियों को धन उपलब्ध करवा रही है। लेकिन यह पैसा जमीन पर बाजार के सर्कुलेशन में नहीं आता है जिसके कारण नकदी की कमी अभी तक दूर नहीं हो रही है।

दिल्ली के करोलबाग से आए व्यापारी हरप्रीत सिंह ने कहा कि उनका गाड़ियों के पार्ट्स का व्यापार है। लेकिन ऑटो सेक्टर की मंदी का सीधा असर उनके जैसे व्यापारियों को हो रहा है और अब व्यापार ठप करने की नौबत आ गई है। सरकार ने किसी भी वर्ग को राहत देने की अभी तक कोई बड़ी कोशिश नहीं की है।

फ्लॉप रही व्यापारियों को पेंशन की योजना

एक अन्य व्यापारी नेता ने कहा कि उन्होंने व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पेंशन योजना बनाने की अपील की थी। लेकिन सरकार ने व्यापारियों की पेंशन में इस तरह की शर्तें लागू कर दी हैं कि उससे कोई भी व्यक्ति पेंशन लेना ही नहीं चाहेगा। सरकार की पेंशन योजना में केवल तीन हजार मासिक पेंशन देने की बात की गई है। लेकिन यह कम से कम आज से बीस साल बाद लागू होगी, क्योंकि इसे बीस से चालीस वर्ष की आयु वाला व्यापारी ही पाने का हकदार है। व्यापारी के मुताबिक सरकार को दिए गए टैक्स का एक निश्चित प्रतिशत व्यापारियों को देने का वायदा करना चाहिए। यह योजना उनके किसी काम की नहीं है।

ऑनलाइन पर रोक पर सरकार बेअसर

देश में सबसे बड़ा हिस्सा खुदरा व्यापारियों का है। लेकिन ऑनलाइन बाजार के बढ़ते चलन ने इस वर्ग को तेजी से प्रभावित किया है। इस वर्ग की तमाम अपील के बाद भी अभी तक सरकार ने ऑनलाइन बाजार को नियमित करने का कोई ठोस बड़ा कदम नहीं उठाया है। यही कारण है कि खुदरे बाजार का व्यापारी वर्ग केंद्र सरकार से बेहद नाराज है। सीलिंग ने इस नाराजगी को और अधिक बढ़ाने का ही काम किया है।

केंद्रीय मंत्रियों ने दिलाई बेहतरी की उम्मीद

व्यापारियों की नाराजगी भांपते हुए पार्टी नेता उनको अपने पक्ष में जोड़ने की कवायद करते दिखे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 40 लाख लोगों को कच्ची कालोनी का लाभ देने के साथ व्यापारियों के सिर से सीलिंग की तलवार हटाने का काम किया है। वह आगे भी व्यापारियों के लिए बड़े कदम उठाएगी। केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि लोगों को ऐसी सरकार चाहिए जो उनके हितों का फैसला ले सके।

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डीडीए ने ऐसे फैसले लिए हैं जिनसे आगे आने वाले समय में व्यापारियों को लाभ होगा और दिल्ली के बाकी हिस्सों में भी सीलिंग की तलवार नहीं लटकेगी। उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठकर व्यापारियों के हितों के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए अहम निर्णय लेंगे। 


मनोज तिवारी ने कहा कि सीलिंग के दौरान अपना राजनीतिक करियर खत्म होने के खतरे के बाद भी वे सड़कों पर उतरे लेकिन अरविंद केजरीवाल ने कोई विरोध नहीं किया। जबकि विधानसभा चुनाव के दौरान वे बिजली के तारों को काटते हुए दिखाई पड़े थे। उन्होंने कहा कि इसी से साबित हो जाता है कि भाजपा व्यापारियों के साथ खड़ी है। 

 

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