दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने अपने अध्यक्ष पद का चुनाव कराने के लिए सोमवार को फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों तक का समय मांगा। इसके साथ उन्होंने ये भी कहा कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा भाजपा सांसद गौतम गंभीर लोढ़ समिति की सिफारिशों के अनुसार अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के पात्र नहीं हैं।
डीडीसीए के महासचिव विनाद तिहाड़ा ने कहा, 'लोकपाल दीपक वर्मा को अध्यक्ष पद का चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया जाएगा। चुनाव जनवरी के अंत में होने हैं, लेकिन आग्रह किया जाएगा कि यह फरवरी में दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद हों।
रजत शर्मा के इस्तीफे के बाद खाली हुए अध्यक्ष पद के लिए गंभीर की उम्मीदवारी पर तिहाड़ा ने कहा, 'दिल्ली क्रिकेट की सेवा के लिए उनका स्वागत है, लेकिन वह अध्यक्ष तभी बन सकते हैं, जब सांसद के रूप में इस्तीफा दें।' इससे पहले खबर थी कि दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) 13 जनवरी को अपना नया अध्यक्ष चुनेगा।
बता दें कि डीडीसीए में रविवार की शाम वार्षिक आम सभा में क्रिकेट को शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई। बैठक के बीच में मुद्दों को जबरन पास कराए जाने पर डीडीसीए पदाधिकारियों के बीच स्टेज पर न सिर्फ हाथापाई हुई बल्कि लात घूंसे भी चले। भारी हुड़दंग के बीच सेवानिवृत्त जज बदर दुरेज अहमद को हटाकर सेवानिवृत्त जज दीपक वर्मा को डीडीसीए का नया लोकपाल नियुक्त कर दिया गया।
इस घटना की गौतम गंभीर ने कड़ी निंदा की थी। गंभीर ने ट्विटर पर उस वीडियो को शेयर करते हुए इसे शर्मनाक बताया था। साथ ही उन्होंने इस धक्का-मुक्की में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने ये भी कहा था कि इस बवाल में जो अधिकारी शामिल थे, उन पर सख्त फैसला लेने की दरकार है और उन्हें आजीवन बैन लगा देना चाहिए।