दिल्ली और छत्तीसगढ़ की सरकारें कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाएंगी। दिल्ली सरकार तो ऐसे बच्चों की परवरिश के साथ ही कोरोना से जान गंवाने वाले युवाओं के बुजुर्ग परिजन का ख्याल रखेगी। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार महतारी दुलार योजना के तहत ऐसे अनाथ बच्चों को छात्रवृत्ति भी देगी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को यह एलान करते हुए ऐसे बच्चों व बुजुर्गों से उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों से हमदर्दी रखने की अपील की है। केजरीवाल ने कहा कि बीते कुछ दिन पूरी दिल्ली के लिए बेहद दुखदयी रहा हैं। सभी कोशिशों के बावजूद कई दिल्लीवासियों को बचा नहीं पाए। कई परिवारों में एक से ज्यादा मौतें हुई हैं।
केजरीवाल के मुताबिक, वह ऐसे कई बच्चों को जानते हैं, जिनके माता-पिता कोरोना संक्रमण से चल बसे। अब इनका दुनिया में कोई नहीं है। यह बेहद दुखद है। बावजूद इसके ऐसे बच्चे खुद को अनाथ न समझें। किसी भी बच्चे की पढ़ाई बीच में नहीं छूटेगी। ऐसे बच्चों की पढ़ाई और परवरिश का खर्च सरकार उठाएगी।
दूसरी तरफ ऐसे कई बुजुर्ग हैं, जिनके जवान और कमाई करने वाले बच्चे नहीं रहे। इस बात का सबको बेहद अफसोस है, लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। ऐसे सभी परिवार, जिनमें कमाने वाले व्यक्ति की मौत हो गई है, उनकी मदद सरकार करेगी।