देबबर्मा ने सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा, "पूर्वोत्तर के परिषदों के नेताओं के साथ माननीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। गृहमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि एक महीने के अंदर सभी परिषदों से संबंधित मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से संबोधित किया जाएगा। संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक समिति भी बनाई जाएगी।"
10 स्वायत्त परिषदों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
पूर्वोत्तर राज्यों की 10 स्वायत्त परिषदों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान आदिवासी स्वशासी निकायों के लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे को हल करने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की गई।
असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शाह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनसे125वां संशोधन विधेयक, 2019 को आवश्यक संशोधनों के साथ संसद में पेश करने और पारित करने को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया। विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में जिला, गांव और नगर परिषदों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए एक वित्त आयोग की नियुक्ति शामिल है।
अगर यह आयोग भी गठित होता है, तो वह राज्यों और जिला परिषदों के बीच करों के वितरण के साथ-साथ राज्यों की समेकित निधि से स्वायत्त परिषदों को सहायता अनुदान के संबंध में भी सिफारिशें करेगा।
अमित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया
स्वायत्त परिषदों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैठक में शाह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि 125वें संविधान संशोधन विधेयक (2019) से संबंधित सभी मुद्दों पर एक महीने के अंदर हल कर लिया जाएगा।स्वायत्त परिषदों का गठन संविधान की छठी अनुसूची के तहत किया गया था।