केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर पर नौसेना कमांडरों के सम्मेलन में भाग लिया। दरअसल, नौसेना की कमांडर कॉन्फ्रेंस सोमवार से ही शुरू हुई है। ये पहली बार है, जब कमांडर्स की ये बैठक समुद्र के बीच आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) पर हो रही है। पांच दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस में पहले दिन नेवी के टॉप कमांडर्स को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सबोधित किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं के साथ-साथ समुद्र तट पर निरंतर निगरानी बनाए रखना सर्वोपरि था। रक्षा मंत्री ने दृढ़ता, साहस और समर्पण के साथ राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए नौसेना की सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्ष अप्रत्याशित होंगे और सशस्त्र बलों को उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार विकसित होने वाले विश्व व्यवस्था ने सभी को फिर से रणनीति बनाने के लिए मजबूर किया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को बदल देगा। उन्होंने कमांडरों से समुद्री क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों को प्रभावी ढंग से दूर करने के लिए भविष्य की क्षमता के विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगले 5-10 साल में रक्षा क्षेत्र के माध्यम से 100 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक के ऑर्डर दिए जाने की उम्मीद है। यह देश के आर्थिक विकास में एक प्रमुख भागीदार बन जाएगा। आज हमारा रक्षा क्षेत्र रनवे पर है, जल्द ही जब यह उड़ान भरेगा, तो यह देश की अर्थव्यवस्था को बदल देगा।
द्विवार्षिक नौसेना सम्मेलन में कमांडरों को संबोधित करने से पहले राजनाथ सिंह ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और अन्य नौसेना कमांडरों के साथ आईएनएस विक्रांत पर मिग-29के समेत कई लड़ाकू विमानों के ड्रिल को देखा। इस दौरान एडमिरल कुमार ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है।
जानकारी के मुताबिक, कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा से जुड़े सैन्य और रणनीति स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इसके अलावा पिछले छह महीनों के दौरान किये नेवी के ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक, ट्रेनिंग, मानव संसाधन और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी। इस दौरान हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर भी कमांडर्स चर्चा करेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में आईएनएस विक्रमादित्य पर संयुक्त कमांडर कॉफ्रेन्स को संबोधित किया था। आईएनएस विक्रांत को नौसेना में शामिल हुए छह महीने बीत चुके हैं। फिलहाल इस पर तैनात होने वाले लड़ाकू विमानों का ट्रायल चल रहा है। अभी आईएनएस विक्रांत पर उड़ान परीक्षण किए जा रहे हैं।