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Rajnath Singh: ‘आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं रहेंगे’, एससीओ बैठक में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Tue, 28 Apr 2026 11:28 AM IST
Asmita Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को एससीओ बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख रखा। इसके साथ ही उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की भी जिक्र किया। 
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रक्षा मंत्री ने किर्गिस्तान के विजय चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित की - फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह किर्गिस्तान के दौरे पर हैं। इस दौरान वह मंगलवार को एससीओ बैठक में शामिल हुए। इसके साथ ही वह बिश्केक के विजय चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की, जो नाजी जर्मनी पर विजय को समर्पित एक स्मारक है।

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पहलगाम हमले का किया जिक्र
इस बैठक में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के केंद्र अब उचित दंड से अछूते नहीं रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू और कश्मीर में हुए घातक आतंकवादी हमले की हालिया वर्षगांठ को याद किया। रक्षा मंत्री ने इस तरह की हिंसा के वैश्विक प्रभाव पर कहा, 'कुछ दिन पहले, 22 अप्रैल को, हमने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस घटना ने न केवल एक क्षेत्र बल्कि पूरी मानवता को झकझोर दिया।'

आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं रहेंगे
इस घटना को भारत की सैन्य प्रतिक्रिया से जोड़ते हुए उन्होंने सीमा पार के खतरों के प्रति देश के रणनीतिक दृष्टिकोण में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने यह दृढ़ संकल्प प्रदर्शित किया कि आतंकवाद के केंद्र अब सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्होंने आतंकवाद को पनाह देने और उसे अंजाम देने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
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उनकी ये टिप्पणी पहलगाम में हुए उस घातक आतंकी हमले की पहली बरसी पर आई है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पर्यटक शहर पहलगाम में आतंकवादियों ने हमला किया। जिसमें 26 नागरिकों की हत्या हुई थी।

भीष्म क्यूब मॉड्यूलर दिया उपहार में
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अपने किर्गिस्तानी समकक्ष मेजर जनरल मुकामबेटोव रुस्लान मुस्तफायेविच को भीष्म क्यूब मॉड्यूलर ट्रॉमा केयर सिस्टम के दो सेट उपहार में दिए, जो मानवीय सहायता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है रक्षा मंत्री और किर्गिज नेता के बीच बिश्केक में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान 'भारत स्वास्थ्य पहल सहयोग हित और मैत्री' (भीष्म) क्यूब्स दिए।

स्वदेशी रूप से निर्मित ये क्यूब्स गोल्डन आवर के भीतर उपचार की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे प्राथमिक उपचार संभव हो पाता है। आरोग्य मैत्री परियोजना का एक हिस्सा, भीष्म की यह पहल एक अभिनव आपातकालीन चिकित्सा सहायता कार्यक्रम है। इसके मूल में आवश्यक दवाओं और उपकरणों से भरे कॉम्पैक्ट, पोर्टेबल मिनी क्यूब्स हैं, जिन्हें विभिन्न आपात स्थितियों में त्वरित तैनाती के लिए डिजाइन किया गया है।


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भारतीय दूतावास किया स्वागत
रक्षा मंत्रालय ने एक्स के एक बयान में कहा, ‘रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक के लिए अपनी यात्रा के दौरान किर्गिस्तान के बिश्केक में विजय चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की।’रक्षा मंत्री सोमवार को एससीओ बैठक के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक पहुंचे। बिश्केक स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट में लिखा,' 27-28 अप्रैल 2026 को एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बिश्केक पहुंचने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी।  27 अप्रैल 2026 को मानस हवाई अड्डे पर राजदूत सिंह द्वारा स्वागत किया गया।' 

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एससीओ में कितने देश शामिल? 
मंत्रालय ने उल्लेख किया 'इस वर्ष की एससीओ बैठक पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उत्पन्न भू-राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में हो रही है। क्षेत्र के सबसे बड़े राजनीतिक और आर्थिक संगठनों में से एक, एससीओ मौजूदा संघर्ष के प्रभाव को कम करने के उपायों पर चर्चा कर सकता है। भारत, रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस वर्तमान में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य हैं।

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