रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोआ में चल रहे मेरीटाइम कॉन्क्लेव में कहा कि हिंद महासागर के आस-पास कुछ देशों की स्थाई उपस्थिति चिंता की बात है। उन्होंने चीन पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बीते कुछ दशकों से हिंद महासागर का इलाका शांतिपूर्ण रहा है लेकिन कुछ देशों द्वारा यहां बढ़ाई गई सैन्य उपस्थिति से भविष्य में यहां क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
रक्षा मंत्री गोवा में क्षेत्रीय समुद्री चुनौतियों पर आयोजित ‘मेरीटाइम कॉन्क्लेव’ को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि हमने इस समुद्री क्षेत्र में दूसरे देशों की मौजूदगी एक बार नहीं, कई बार देखी है।
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गैर इलाकाई ये देश यहां अपने लिए नौसैनिक चौकियां बना रहे हैं। उनकी ऐसी करतूतों ने यहां मौजूद देशों के लिए जटिलताओं को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन देशों के बीच एक नए तरह के मुद्दे के रूप में सामने आया है। इसने समुद्री और भूभागीय स्तर पर चुनौतियां पैदा की हैं।
उल्लेखनीय है कि हिंद महासागर में अपने पैर फैलाने की मंशा से चीन की नजरें हम्बनटोटा बंदरगाह पर हैं। इसके लिए वह श्रीलंका को ‘शीशे में उतारने’ की कोशिश में है। यही नहीं दक्षिणी चीन सागर में भी उसकी सैन्य मौजूदगी के कारण तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में रक्षा मंत्री का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।