अदाणी कंपनी समेत चार भारतीय कंपनियों को 400 होवित्जर तोप का ठेका मिला है। इस बारे मेंं वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कुछ जानकारी दी हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियों से कुछ तोपों के लिए टेंडर जारी किए गए थे । जिन कंपनियों को टेंडर मिला है उनमें भारत फोर्ज, लार्सन एंड टूब्रो, अदाणी और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि भारत में तैयार हुई हॉवित्जर का मतलब है कि यह पूरी तरह से स्वदेशी होगी। उन्होंने आगे कहा, सेना चाहती है कि तोपेों का वजन हल्का हो सके। पुरानी बोफोर्स तोपों के मुकाबले नई तोपों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात करने पर भी सेना का ध्यान है। अधिकारियों ने बताया कि यह खरीद प्रक्रिया वर्ष 2042 तक पूरी होने की संभावना है।
रिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया, भारतीय फर्मों से 400, 155-मिमी 52-कैलिबर टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (टीएजीएस) और टोइंग वाहनों को खरीदने के लिए भारतीय-आईडीडीएम श्रेणी के तहत एक टेंडर जारी किया गया था। जिन फर्मों को टेंडर मिला है उनमें स्थानीय रक्षा प्रमुख भारत फोर्ज, लार्सन एंड टूब्रो, अदाणी और ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना पहले ही चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर आवश्यकताओं के लिए माउंटेड गन सिस्टम खोजने के लिए 307 एडवांस्ड टोड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) खरीदने के लिए भी टेंडर जारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत में डिजाइन, विकसित और निर्मित हॉवित्जर का मतलब है कि यह पूरी तरह से भारतीय होगा। कहा, सेना चाहती है कि तोपें वजन में हल्की हों और पुरानी बोफोर्स तोपों की तरह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात करना आसान हो।