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Make In India: रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ किया समझौता, Su-30MKI जेट के इंजन के लिए 26000 करोड़ रुपये की डील

Mon, 09 Sep 2024 03:36 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को Su-30MKI विमान के लिए 240 एयरो-इंजन की खरीद के लिए सरकारी एयरोस्पेस प्रमुख हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 26,000 करोड़ रुपये का सौदा किया है। जिससे भारत की रक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
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रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ किया समझौता - फोटो : X / @rajnathsingh
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विस्तार
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भारतीय वायुसेना के मजबूत विमान Su-30MKI विमान के लिए रक्षा मंत्रालय ने 240 एयरो-इंजन की खरीद के लिए सरकारी एयरोस्पेस प्रमुख हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ 26,000 करोड़ रुपये का सौदा किया है। जानकारी के मुताबिक एयरो-इंजन का निर्माण एचएएल के कोरापुट डिवीजन की तरफ से किया जाएगा और उम्मीद है कि यह Su-30 बेड़े की परिचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए भारतीय वायु सेना की जरूरत को पूरा करेगा।
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रक्षा सचिव, वायु सेना प्रमुख समेत अधिकारी रहे मौजूद
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा देते हुए रक्षा मंत्रालय ने 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से Su-30MKI विमान के लिए 240 AL-31FP एयरो इंजन के लिए एचएएल के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। बता दें कि रक्षा सचिव गिरिधर अरामने और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर चौधरी की मौजूदगी में मंत्रालय और एचएएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

एचएएल के कोरापुट डिवीजन में होगा इंजन का निर्माण
जानकारी के मुताबिक इन इंजनों में 54% से अधिक स्वदेशी सामग्री होगी, जो एयरो-इंजन के कुछ प्रमुख घटकों के स्वदेशीकरण के कारण बढ़ी है। इनका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के कोरापुट डिवीजन में किया जाएगा। 
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देश की रक्षा तैयारियों को मिलेगी मजबूती
सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना का सबसे शक्तिशाली और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बेड़े में से एक है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की तरफ से इन एयरो-इंजनों की आपूर्ति भारतीय वायुसेना के बेड़े की आवश्यकताओं को पूरा करेगी, ताकि वो अपने निर्बाध संचालन को जारी रख सकें और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत कर सकें।
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