Defence: मंत्रालय ने 31000 करोड़ रुपये में तीन कैडेट ट्रेनिंग शिप्स की शरीदारी के लिए लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड के साथ करार को अंतिम रूप दिया है। दोनों सौदों को प्रधानमंत्री की अध्यक्ष वाली कमिटी सीसीएस (Cabinet Committee on Security) ने एक मार्च को मंजूरी दी थी।
रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के साथ क्रमशः 70 एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षण विमान और तीन कैडेट प्रशिक्षण जहाजों की खरीद के लिए 9,900 करोड़ रुपये के समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
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रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि करार के तहत भारतीय वायु सेना के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 70 एचटीटी-40 बेसिक प्रशिक्षण विमान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. (एचएएल) से खरीदे जाएंगे। इसके अलावा 3,100 करोड़ रुपये से अधिक के तीन कैडेट प्रशिक्षण जहाजों का अधिग्रहण लार्सन एंड टुब्रो लि. (एलएंडटी) से किया जाएगा। दोनों खरीद प्रस्तावों को एक मार्च को प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) ने मंजूरी दी थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में इन खरीद समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। जहाजों की आपूर्ति 2026 से शुरू होगी। मौके पर रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने समेत कई अन्य अधिकारी और एचएएल तथा एलएंडटी के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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56% स्वदेशी सामग्री एचटीटी-40 में
एचटीटी-40 एक टर्बो प्रोप विमान है, जिसमें कम गति से निपटने के गुण हैं। यह बेहतर प्रशिक्षण प्रभावशीलता प्रदान करता है। एचटीटी-40 में लगभग 56% स्वदेशी सामग्री होगी, जो प्रमुख घटकों और उप-प्रणालियों के स्वदेशीकरण के माध्यम से धीरे-धीरे बढ़कर 60% से अधिक हो जाएगी।