रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक (खरीद) अपूर्व चंद्र ने गुरुवार को कहा कि 83 तेजस हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) की कीमत के मुद्दे को अंतिम रूप दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि हवाई क्षेत्र की सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा बनाए जाने वाले इन विमानों की कीमत संबंधी करार पर अगले कुछ महीनों में हस्ताक्षर किए जाएंगे।
यहां एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करने के बाद उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के लिए ‘आकाश’, सतह से हवा में मार करने वाली अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते मंजूरी दे दी थी और इस संबंध में करार पर अगले सात दिनों के भीतर हस्ताक्षर होंगे।
चंद्रा ने कहा, 'एलसीए की कीमत, जिस पर कीमत निर्धारित करने वाली समिति चर्चा कर रही थी, उसे रक्षा उत्पादन के सचिव द्वारा दो दिन पहले बुलाई गई बैठक में अंतिम रूप दिया गया। समर्थन पैकेज की कीमत को भी एक-दो महीने के भीतर तय कर लिया जाना चाहिए। इस प्रकार से हम तीन से चार महीने के भीतर विमान के लिए करार पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में होंगे।'
इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया। यह सम्मेलन ‘एनर्जाइजिंग इंडियन एयरोस्पेस इंडस्ट्री : फ्लाइट प्लान फॉर द फ्यूचर’ विषय पर आयोजित किया गया। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने कहा कि राफेल लड़ाकू विमानों से भारत की संघर्ष क्षमताएं बढ़ेंगी और प्रतिकूल स्थिति में हमारा पलड़ा भारी रहेगा।