दिल्ली में आयोजित होने जा रहे श्रीश्री रवि शंकर के कार्यक्रम में सेना से पांटून पुल बनवाने में आई लागत का भुगतान कौन करेगा यह एक बड़ा सवाल बन गया है। रक्षा मंत्रालय इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश में जुट गया है कि आर्ट ऑफ लिविंग के इस कार्यक्रम जैसे गैर सरकारी कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान सेना के इस्तेमाल का खर्च कौन वहन करेगा?
इस मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंत्रालय के अधिकारियों को यह निर्देष दिए हैं कि वे इस बात का पता लगाएं इस खर्च का भुगतान कौन सी संस्था करेगी? श्रीश्री के कार्यक्रम में सेना से पांटून पुल का निर्माण करवाने के लिए दिल्ली सरकार ने अनुरोध किया था जिसके बाद रक्षा मंत्रालय ने सेना को निर्देश दिए थे।
नियमानुसार भारतीय सेना विभिन्न परिस्थितियों में कई विभागों के लिए काम कर सकती है जिसमें कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने के साथ-साथ सरकार के विकास कार्यों में मदद करने का प्रावधान है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं में राहत एवं बचाव कार्य का भी काम सेना करती है।