जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) के भारत दौरे के दो सप्ताह बाद बुधवार को यह वार्ता हुई। किशिदा ने अपने दौरे के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत को जापान का अत्यंत आवश्यक साझेदार बताया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत मुक्त, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के लिए जापान के दृष्टिकोण को साझा करता है। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय सहयोग के दायरे का विस्तार करना जारी रखना चाहिए। सिंह ने एक बैठक के दौरान जापान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के रक्षा उप मंत्री ओका मसामी (Oka Masami) को यह जानकारी दी। ओका वर्तमान में मुख्य रूप से सातवें रक्षा नीति संवाद में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा पर हैं।
विज्ञापन
जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा (Fumio Kishida) के भारत दौरे के दो सप्ताह बाद बुधवार को यह वार्ता हुई। किशिदा ने अपने दौरे के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत को जापान का अत्यंत आवश्यक साझेदार बताया था।
रक्षा नीति संवाद में भारत और जापान समग्र रणनीतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष और साइबर जैसे नए और उभरते डोमेन में अपने रक्षा सहयोग में विविधता लाने पर सहमत हुए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सिंह के साथ बैठक में ओका ने रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग सहित द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने की जापान की इच्छा को दोहराया।
विज्ञापन
मंत्रालय ने कहा, राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत एक मुक्त, खुले, सुरक्षित और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक के लिए जापान के दृष्टिकोण को साझा करता है और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को अपने द्विपक्षीय सहयोग के दायरे का विस्तार करना जारी रखना चाहिए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ओका के साथ भारत में जापान के राजदूत सुजुकी हिरोशी भी थे, जिन्होंने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सिंह के मजबूत और सकारात्मक नेतृत्व द्वारा प्रदान की गई प्रेरणा के लिए उनको धन्यवाद दिया।