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India-Maldives Ties: रक्षा मंत्री राजनाथ बोले- भारत-मालदीव का संबंध विशेष; समय की कसौटी पर खरा उतरा

Tue, 02 May 2023 03:24 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिंद महासागर क्षेत्र में आम चुनौतियों को दूर करने में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत, मालदीव और क्षेत्र के अन्य समान विचारधारा वाले देशों की आवश्यकता पर भी जोर डाला।
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राजनाथ सिंह और मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद। - फोटो : Ministry of Foreign Affairs of Maldives
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद भारत सरकार की ओर से अपतटीय गश्ती पोत तटरक्षक जहाज हुरवी (Huravee ) और लैंडिंग क्राफ्ट के हैंडओवर समारोह (Handing over ceremony) में शामिल हुए। राजनाथ सिंह ने मंगलवार को मालदीव की राजधानी माले में एक कार्यक्रम में भारत के उपहार के रूप में मालदीव को एक तेज गश्ती जहाज और एक लैंडिंग क्राफ्ट सौंपा। इससे पहले उन्होंने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के साथ करीबी द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों का विस्तार करने के लिए बातचीत की। 

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मालदीव के शीर्ष नागरिक और सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में समारोह में अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-मालदीव संबंध "वास्तव में विशेष" है और यह पूरे क्षेत्र के अनुसरण के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित हुआ है। रक्षा मंत्री ने हिंद महासागर क्षेत्र में आम चुनौतियों को दूर करने में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत, मालदीव और क्षेत्र के अन्य समान विचारधारा वाले देशों की आवश्यकता पर भी जोर डाला।

हैंडओवर समारोह में राष्ट्रपति सोलिह ने अपतटीय गश्ती पोत को मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) में शामिल किया। राजनाथ सिंह ने हैंडओवर समारोह में कहा कि हमारा संबंध समय की कसौटी पर खरा उतरा है और हमने हमेशा जरूरत के समय एक-दूसरे का समर्थन किया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध पूरे क्षेत्र के अनुसरण के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित हुए हैं।
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उन्होंने कहा, हिंद महासागर क्षेत्र की आम चुनौतियों को दूर करने की दिशा में भारत, मालदीव और क्षेत्र के अन्य समान विचारधारा वाले देशों को हमारे सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, इसलिए हमें यह सुनिश्चित करने के लिए एक सहयोगात्मक प्रयास सुनिश्चित करना चाहिए कि हिंद महासागर का समुद्री विस्तार शांतिपूर्ण हो और क्षेत्रीय समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए समुद्री संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जाए।

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