केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरीकार ने सीमावर्ती और तटीय इलाकों में 1100 से ज्यादा इलाकों को चिह्नित किया है, जहां के छात्रों की जल्द ही राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के तहत ट्रेनिंग शुरू की जाएगी। साथ ही उन्होंने एक बार फिर इस बात को दोहराया कि रोजगार के मामले में एनसीसी कैडेट्स को मिलने वाली वरीयता को लागू करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
यहां एनसीसी परेड ग्राउंड में वार्षिक राष्ट्रीय एनसीसी रैली में पहुंचे राजनाथ सिंह ने कैडेट्स से कहा, हमारे प्रधानमंत्री ने निर्णय लिया था कि एनसीसी का विस्तार होना चाहिए। सीमावर्ती व तटीय इलाकों में एनसीसी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। हमने ऐसे इलाकों में 1100 से ज्यादा स्कूलों की पहचान की है, जहां जल्द ही एनसीसी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, सरकार ने फैसला किया है कि जब भी रोजगार की बात आएगी तो एनसीसी कैडेट्स को वरीयता दी जाएगी। जहां तक मुझे पता है, यह वरीयता दी जा रही है। चयन प्रक्रिया में, एनसीसी कैडेट को अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। लेकिन इस व्यवस्था को सही तरीके से लागू कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश की दूसरी रक्षा पंक्ति के तौर पर एनसीसी के शानदार भूमिका निभाने की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि एनसीसी में विभिन्न वर्गों में दिए जाने वाले 143 पुरस्कारों को भी सरकार ने बढ़ाकर 243 कर दिया है। साथ ही इन पुरस्कारों में दी जाने वाली धनराशि भी बढ़ाई गई है।
रक्षा मंत्री ने महामारी के दौरान एनसीसी कैडेटों द्वारा लोगों में खाने के पैकेट, मास्क और सैनिटाइजर बंटवाने के लिए की गई मदद की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, आत्मनिर्भर भारत का सपना केवल युवाओं के समर्थन से ही पूरा होना संभव है। हम अपने युवाओं को मजबूत और क्षमतावान बना रहे हैं ताकि वे एक सफल भविष्य का निर्माण कर सकें। एनसीसी इसमें एक अहम भूमिका निभा रही है।
महिला सशक्तीकरण भी कर रही एनसीसी
रक्षा मंत्री ने कहा, पहले एनसीसी में महज 28 फीसदी बालिका कैडेट होती थीं, लेकिन अब यह भागीदारी बढ़कर कुल कैडेट्स के 43 फीसदी तक पहुंच गई है। हम एनसीसी के जरिये महिला सशक्तीकरण की दिशा में बढ़ रहे हैं। बता दें कि यहां करीब एक महीने से चल रहे एनसीसी कैंप में भी देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 1000 एनसीसी कैडेट पहुंचे हुए हैं, जिनमें 380 लड़कियां हैं। यह कैंप 28 जनवरी तक चलेगा।