केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि, हम रक्षा उप्तादन क्षेत्र में अपेक्षित गति से प्रगति नहीं कर पाए हैं। हम रक्षा आवश्यकताओं के लिए विदेशों पर निर्भर थे और यह निर्भरता बढ़ती ही गई। दरअसल, केंद्रीय मंत्री हैदराबाद में वायु सेना के चेतक हेलीकॉप्टर के डायमंड जुबली समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि, पिछले कुछ वर्षों की घटनाओं को देखें तो हमारी सरकार ने डिफेंस प्रोडक्शन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दिया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि, हमें रक्षा के क्षेत्र में हमें अपने कंधों को मजबूत करना होगा। भारत की रक्षा जरूरतें विदेशी राष्ट्रों के कंधों पर आधारित नहीं हो सकती हैं। भारत ने केवल सभ्यतागत मूल्यों, शांति और सच्चाई के लिए हथियार उठाए हैं। भारत का कभी किसी के खिलाफ आक्रामकता का कोई इरादा नहीं रहा है।
देश की सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता, इसे सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध: राजनाथ
रक्षामंत्री ने कहा कि सेनाओं के लिए देश की सुरक्षा शीर्ष प्राथमिकता है और वे इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। चेतक हेलिकॉप्टर के डायमंड जुबली कॉन्क्लेव में उन्होंने सरकार के रक्षा उत्पादन और तैयारियों में आत्मनिर्भर होने के जोर देने का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि वह देशवासियों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि देश की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है और इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। पिछले कुछ सालों में घटी घटनाओं को देखें, हमारी सरकार ने रक्षा उत्पादन और तैयारियों को लेकर आत्मनिर्भर होने पर काफी जोर दिया है। इन दिनों हमने सप्लाई लाइनों को सुनिश्चित करने में कई चुनौतियां देखी हैं।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश की सुरक्षा का बोझ लंबे समय के लिए दूसरे देशों पर नहीं डाला जा सकता और इसके लिए हमने हमारी सुरक्षा के लिए खुद को मजबूत किया है। यदि दुनिया में शांति बनाए रखना है तो हर देश की सुरक्षा बहुत जरूरी है और उनकी सुरक्षा के लिए उनके सशस्त्र बलों का मजबूत होना बहुत जरूरी है।
रक्षामंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार ने ऐसा माहौल बनाया है जिससे सशस्त्र बल, वैज्ञानिक और रक्षानिर्माता सकारात्मकता से सोच सकें। हमें अपनी सेनाओं, शोध एवं विकास संगठनों, निजी और सरकारी क्षेत्र के उद्योगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। हमारे एमएसएमई, स्टार्टअप, इनोवेटर्स और अकादमिक मिलकर रक्षा उत्पादन में नए-नए आविष्कार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पांच टन श्रेणी में हेलिकॉप्टरों के ऑपरेशन, डिजाइन और विकास में भारत ने अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने कहा कि स्वदेश में डिजाइन और विकसित एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव और इसके वैरियंट भारत की ताकत के उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक लीडर बनने के लिए हमें 10 टन के भारतीय मल्टीरोल हेलिकॉप्टर की डिजाइन में प्रगति करने की आवश्यकता है।
रक्षामंत्री ने कहा कि हमारे देश में चेतक डिजाइन और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का बेहतरीन उदाहरण है। इसकी सफलता ने हममें विश्वास पैदा किया कि हम भविष्य में ऐसे प्रोजेक्टों में कामयाब हो सकते हैं। अब तक देश में करीब 700 चेतक हेलिकॉप्टरों का उत्पादन हो चुका है।