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सरकार आई और चीन की घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एकतरफा बोलकर चली गई

Tue, 15 Sep 2020 07:22 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • नहीं लिए विपक्ष के सवाल, कांग्रेस का वॉकआउट
  • जब चीन की फौज घुसपैठ कर रही थी तो कहां हुई चूक
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Rajnath Singh in Parliament - फोटो : LSTV
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विस्तार
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लद्दाख क्षेत्र में भारतीय भूभाग पर चीन की घुसपैठ को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में बयान दिया। रक्षा मंत्री का बयान काफी विस्तृत रहा, हालांकि कुछ सवालों के उत्तर अभी भी आने बाकी हैं। मसलन, जब चीन की सेना घुसपैठ कर करके पैंगोंग क्षेत्र में स्थायी बंकर बना रही थी, तो भारत को समय रहते इसकी कोई सूचना क्यों नहीं मिल पाई?

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रक्षा मंत्री के वक्तव्य के बाद विपक्षी दलों ने कुछ सवाल पूछना चाहा तो लोकसभा अध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी। लिहाजा कांग्रेस के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। रक्षा मामलों के विश्लेषकों को भी संसद से कुछ जवाब मिलने की उम्मीद थी।  

कांग्रेस पार्टी के सांसद और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान से साफ प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी अतिक्रमण पर देश को गुमराह किया है। पार्टी के नेता ने कहा कि हमारा देश हमेशा सेना के साथ खड़ा रहा है और रहेगा लेकिन प्रधानमंत्री मोदी चीन के खिलाफ कब खड़े होंगे?
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चीन से हमारे देश की जमीन कब वापस लेंगे। राहुल गांधी ने कटाक्ष किया। कहा चीन से डरो मत। वहीं पार्टी के नेता गौरव गगोई ने भी लोकसभा में विपक्ष को इस महत्वपूर्ण मसले पर सवाल पूछने की अनुमति न मिलने पर चिंता जताई। अधीर रंजन चौधरी भी सैनिकों की एकजुटता का संदेश और चीन को कड़ी चेतावनी देना चाहते थे। लेकिन दुर्भाग्य से सरकार  को लगता है कि सेना के समर्थन में केवल वही बोल सकती है।

रक्षा मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार रंजीत कुमार का कहना है कि सरकार को संसद को बताना चाहिए था, क्योंकि हमें घुसपैठ के बारे में काफी समय बाद जानकारी मिल पाई। जब भारत सचेत होता, तबतक चीन के सैनिक पैंगोंग त्सो क्षेत्र में स्थाई बंकर का निर्माण कर चुके थे। रंजीत का कहना है कि पांच बिंदुओं पर विदेश मंत्रियों की सहमति के बाद भी अभी कोई ठोस समाधान निकल पाने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है। रक्षा मंत्री के बयान में इसे लेकर कोई उम्मीद नहीं दिखाई पड़ी।

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