केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह निकोबार द्वीप पहुंचे और सैनिकों के साथ बातचीत की। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में देश की एकमात्र एकीकृत सैन्य कमान के अभियान की तैयारियों की समीक्षा की थी। रक्षा मंत्री ने पोर्ट ब्लेयर में कमान के मुख्यालय की यात्रा के दौरान द्वीपसमूह के सामरिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का भी जायजा लिया था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने भरोसा जताया कि सशस्त्र बलों का साहस और समर्पण देश के लिए एक सुनहरा भविष्य तय करेगा । उन्होंने सैनिकों को आश्वस्त किया कि जिस तरह वे देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, उसी तरह सरकार भी उनके कल्याण के लिए हमेशा तैयार है।
उन्होंने कहा कि हमारी सशस्त्र सेना जल्द ही दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक होगी। यह हमारा दृष्टिकोण और साथ ही हमारा मिशन है। इससे पहले रक्षा मंत्री ने क्वाड-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर की समीक्षा की और 29 दिसंबर 1943 को नेताजी के ऐतिहासिक आगमन के स्थान संकल्प स्मारक का दौरा किया।
रक्षा मंत्री ने नौसैनिक एयरबेस का दौरा किया
रक्षा मंत्री ने निकोबार द्वीप समूह में भारतीय नौसैनिक एयरबेस आईएनएस बाज का दौरा किया। रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी। उनके साथ अंडमान और निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह (एवीएसएम) भी थे। उन्होंने सैनिकों के साथ बातचीत की।
चीन के प्रभाव को रोकने के लिए रक्षा मंंत्री का दौरा अहम
सूत्रों ने कहा, हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए सिंह की यह यात्रा और सैनिकों के साथ बातचीत महत्वपूर्ण है। आईएनएस बाज मलक्का स्ट्रेट की देखरेख करता है, समुद्री मार्ग के जरिए अधिकांशी चीनी आयात वाहन गुजरते हैं और आर्थिक व रणनीतिक दोनों नजरिए से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में से एक हैं।
आईएनएस बाज भारतीय नौसेना, वायुसेना का एक पूर्ण रूप से आगे का परिचालन आधार है, यह निकोबार और सुमात्रा के इंडोनेशियाई द्वीप के बीच छह डिग्री चैनल को देखता है। कैंपबेल खाड़ी, मलक्का स्ट्रेट पर देश की नजर है, जो हिंद और प्रशांत महासागरों के बीच सबसे छोटा शिपिंग चैनल है और यह चीन, जापान, मध्य पूर्व और दक्षिण कोरिया जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है।
रक्षा मंत्री, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दक्षिणी समूह के इलाके से परिचित हुए। इसके बाद उन्होंने देश के सबसे दक्षिणी छोर पर इंदिरा प्वाइंट का भी दौरा किया। सूत्रों ने बताया कि आईएनएस बाज का दौरा करने के बाद वह निकोबार स्थित वायु सेना स्टेशन भी गए। राजनाथ सिंह अंडमान और निकोबार में ऑपरेशन की तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को पोर्ट ब्लेयर पहुंचे थे। रक्षा अधिकारियों और जवानों को अपने संबोधन में उन्होंने चीन के साथ सीमा पर गतिरोध का मुद्दा उठाया और लद्दाख के गलवान से लेकर अरुणाचल प्रदेश के यांग्त्से तक भारतीय सैनिकी की बहादुरी की सराहना की।