दिल्ली में इंडो-पैसेफिक रीजनल डायलॉग-2022 के दौरान आज(शुक्रवार) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें। यह दुनिया सभी के लिए सुरक्षित और न्यायपूर्ण हो। राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय दार्शनिकों ने हमेशा मानव समुदाय को राजनीतिक सीमाओं से परे माना है।
उन्होंने कहा, मेरा विश्वास है कि सुरक्षित दुनिया एक सामूहिक प्रयास बन जाती है तो हम एक ऐसी वैश्विक व्यवस्था बनाने के बारे में सोच सकते हैं, जो सभी के लिए लाभदायक हो। राजनाथ ने आगे कहा, कई प्लेटफार्मों और एजेंसियों के माध्यम से वैश्विक समुदाय इस दिशा में काम कर रहा है और आगे बढ़ रहा है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे आगे है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर सुरक्षा सही अर्थों में सामूहिक उद्यम बन जाती है, तब हम एक ऐसी विश्व व्यवस्था तैयार करने के बारे में सोच सकते हैं, जो हम सभी के लिए लाभदायक हो। रक्षा मंत्री ने कहा कि अब हमें सामूहिक सुरक्षा के दायरे से ऊपर उठकर साझे हित और साझी सुरक्षा के स्तर पर जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारत बहुस्तरीय गठबंधन की नीति में विश्वास करता है, जिसे विभिन्न हितधारकों के माध्यम से विविध सम्पर्कों के जरिये हासिल किया जा रहा है ताकि सभी के विचारों एवं चिंताओं के बारे में चर्चा की जा सके और उनका निपटारा किया जा सके।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी ऐसी विश्व व्यवस्था में विश्वास नहीं करता है जहां कुछ को दूसरों से श्रेष्ठ समझा जाता है । उन्होंने कहा कि देशों के कार्य मनुष्यों की समानता एवं सम्मान के सार तत्व से मार्गदर्शित हों जोकि प्राचीन मूल्यों का हिस्सा है।
भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 26-28 नवंबर के भारत दौरे पर फ्रांस गणराज्य के सशस्त्र बल मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू के साथ चौथी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फ्रांसीसी मंत्री विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल के बीच अहम बैठक भी होगी। फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्री के रूप में लेकोर्नू की यह पहली भारत यात्रा है। उनका कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान के मुख्यालय का दौरा करने और भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को देखने का भी कार्यक्रम है।